जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों की मजबूती और त्योहारी मांग से तेल-तिलहन में बढ़त

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शिकागो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को तेल-तिलहनों के थोक दाम सुधार के साथ बंद हुए। आम तेजी के रुख के बीच सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें मजबूत रहीं।

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर शिकागो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को तेल-तिलहनों के थोक दाम सुधार के साथ बंद हुए। आम तेजी के रुख के बीच सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें मजबूत रहीं।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की घोषणा की जिसमें सरसों के एमएसपी को पहले के 5,450 रुपये प्रति क्विन्टल से 200 रुपये बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विन्टल कर दिया गया है। सूत्रों ने इसे सरसों उत्पादक किसानों के हित में अच्छा कदम बताने के साथ ही कहा कि सरकार को देशी तेल तिलहन का बाजार विकसित करने पर कहीं अधिक ध्यान देना चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार को देशी तेल तिलहनों का बाजार विकसित करने की नीतियां बनाने पर खास ध्यान देना होगा। इससे किसानों की फसल मंडियों में खपेगी और उन्हें लाभ होगा। इससे देशी खाद्यतेल पेराई मिलें अपनी पूरी क्षमता से काम कर पाएंगी। इससे देश में खल और डीआयल्ड केक (डीओसी) की कमी भी नहीं रहेगी।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि अगर सार्वजनिक वितरण प्रणाली से वितरण की पुरानी व्यवस्था अपनायी जाए तो उपभोक्ताओं को भी खाद्यतेल सस्ते में उपलब्ध कराया जा सकेगा। मौजूद समय में आयातित खाद्यतेलों के थोक दाम सस्ते होने के बावजूद अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) ऊंचा निर्धारित किये जाने की वजह से खुदरा बाजार में ऊंचे भाव पर ग्राहकों को खाद्यतेल खरीदना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में सोयाबीन फसल का उत्पादन कम रहने के अनुमान से भी घरेलू स्तर पर खाद्य तेल- तिलहन की मजबूती को समर्थन मिला।

सूत्रों ने कहा कि मौजूदा समय में मंडियों में सरसों, सोयाबीन और सूरजमुखी तिलहन फसलें अपने एमएसपी से कम भाव पर बिक रही हैं। इसको काबू करने के उपाय करने होंगे।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,700-5,750 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,825-6,875 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,340-2,625 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,805 -1,900 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,805 -1,915 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,900 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,650 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,700-4,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,500-4,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

राजेश

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