मुंबई, 14 जून घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में राज्यों के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के कुल संग्रह में वृद्धि 12-14 प्रतिशत रहने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह में वृद्धि दर 20 प्रतिशत रही थी।
क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने एक बयान में कहा कि राज्यों की जीएसटी संग्रह वृद्धि दर हालांकि वित्त वर्ष 2023-24 में कम रहेगी लेकिन राज्यों के राजस्व वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान जीएसटी संग्रह का ही रहेगा।
उन्होंने कहा, “सकल राज्य जीएसटी संग्रह में वृद्धि दर वित्त वर्ष 2022-23 के 20 प्रतिशत से कम होकर चालू वित्त वर्ष में 12-14 प्रतिशत होगी।”
सेठी ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन, मुद्रास्फीति के माहौल में नरमी और कर अनुपालन में वृद्धि जैसे कारकों से जीएसटी संग्रह में मदद मिलेगी।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 90 प्रतिशत की सकल हिस्सेदारी वाले 18 राज्यों में चालू वित्त वर्ष में कर राजस्व छह-आठ प्रतिशत बढ़कर 34 लाख करोड़ रुपये रह सकता है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसकी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY