देश की खबरें | ग्रीनपीस इंडिया ने राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों में संशोधन की मांग की

नयी दिल्ली, तीन फरवरी ग्रीनपीस इंडिया के कार्यकर्ताओं के साथ लोगों के एक समूह ने राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों में तत्काल संशोधन की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां सीपीसीबी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कहा कि ये मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के प्रभाव को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं।

प्रदर्शनकारी मौजूदा राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (एनएएक्यूएस) की सीमाओं के बारे में नीति निर्माताओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए एकत्रित हुए।

उन्होंने तख्तियां और बैनर ले रखे थे जिन पर ‘वायु प्रदूषण से आज़ादी’, ‘अपना मानक बढ़ाएं’ और ‘स्वच्छ वायु एक मौलिक अधिकार है’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की भी मांग की।

ग्रीनपीस इंडिया में जलवायु और ऊर्जा प्रचारक अमृता एस नायर ने कहा, ‘‘वायु प्रदूषण भारत में एक प्रमुख स्वास्थ्य संकट के रूप में उभरा है, और यह लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली वित्तीय आपदा है। वर्तमान मानक मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के प्रभावों पर नवीनतम विज्ञान को प्रतिबिंबित नहीं करते।’’

ग्रीनपीस इंडिया के अभियान प्रबंधक अविनाश चंचल ने कहा, ‘‘सीपीसीबी ने हमारे खुले पत्र को स्वीकार कर लिया है और हमें आश्वासन दिया है कि वह शीघ्र ही वायु गुणवत्ता मानकों को अद्यतन करेगा।’’

उन्होंने कहा, "जब तक यह पूरा नहीं हो जाता हम उन्हें नियमित रूप से याद दिलाते रहेंगे।"

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