अहमदाबाद, 23 जुलाई ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन की निगरानी कर रहे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गुजरात के मुख्य सचिव को राज्य की छमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का और समय दिया है।
दिल्ली में एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने सोमवार को कहा कि गुजरात ने अक्टूबर 2024 के बाद रिपोर्ट पेश नहीं की है।
एनजीटी ने एक आदेश में कहा कि मुख्य सचिव की ओर से किए गए अनुरोध के आधार पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार और सप्ताह की मोहलत दी गई है।
एनजीटी की यह कार्यवाही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित है।
पिछले वर्ष न्यायाधिकरण ने गुजरात को निर्देश दिया था कि वह उच्चतम न्यायालय के ठोस कचरा प्रबंधन नियमों और पर्याप्त संख्या में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) स्थापित करने के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
मामले में अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।
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