देश की खबरें | हरित अधिकरण ने मेघालय पर जुर्माना नहीं लगाया, कहा राज्य धन राशि देने के लिये प्रतिबद्ध

नयी दिल्ली, 25 दिसंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मेघालय पर 109 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाने से परहेज किया है क्योंकि राज्य पहले से ही ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आवश्यक धनराशि देने के लिए प्रतिबद्ध है।

एनजीटी नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अन्य पर्यावरणीय मुद्दों के अनुपालन की निगरानी कर रहा है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की पीठ ने कहा कि ठोस और तरल अपशिष्ट के बनने और उसके प्रबंधन में अंतर था।

गोयल के अलावा इस पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा विशेषज्ञ सदस्य अरुण कुमार त्यागी और ए सेंथिल वेल भी शामिल हैं ।

पीठ ने कहा कि समयसीमा में संशोधन और समयबद्ध कार्य योजना के कार्यान्वयन सहित तात्कालिक योजना इस समस्या के समाधान के लिये उठाये जाने वाले आवश्यक कदमों में से एक है ।

पीठ ने कहा कि योजना, क्षमता निर्माण और कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर केंद्रीकृत एकल खिड़की प्रणाली की स्थापना आवश्यक है ।

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