नयी दिल्ली, दो दिसंबर यहां अमेरिकी दूतावास में प्रभारी राजदूत एलिजाबेथ जोन्स ने शुक्रवार को कहा कि भारत में वीजा जारी करने में लंबे समय तक प्रतीक्षा करने की समस्या को हल करने के लिए अमेरिका ‘‘जबरदस्त प्रयास’’ कर रहा है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि वीजा की अधिक मांग के कारण देश में स्थिति विशेष रूप से ‘‘खराब’’ है।
नवनियुक्त राजनयिक ने कहा कि यह मुद्दा वाशिंगटन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है और वीजा देने के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने के वास्ते शुरू किए जा रहे प्रयासों में वीजा सलाहकारों की भर्ती और प्रशिक्षण शामिल है।
भारत में पहली बार वीजा आवेदकों के लिए लंबी प्रतीक्षा अवधि को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, विशेषकर बी1 (व्यवसाय) और बी2 (पर्यटक) श्रेणियों के तहत आवेदन करने वालों के लिए।
जोन्स ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीजा के लिए लंबे इंतजार की समस्या कोरोना वायरस महामारी के कारण शुरू हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति भारत में विशेष रूप से खराब हैं क्योंकि वीजा की मांग बहुत अधिक है।’’
भारत में पहली बार बी1/बी2 वीजा आवेदकों की प्रतीक्षा अवधि तीन साल के करीब है।
जोन्स ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि यह बहुत कठिन स्थिति रही है। हम चाहते हैं कि आप धैर्य रखे... मैं आपको गारंटी दे सकती हूं कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है जो वाशिंगटन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है और यहां भारत में इस समस्या को हल करने के लिए जबरदस्त प्रयास किए जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस साल भारतीय छात्रों को 82,000 वीजा जारी किए।
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