नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि सरकार जल्द ही महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि-ड्रोन प्रदान करने के लिए एक योजना शुरू करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें ड्रोन उड़ाने और उसकी मरम्मत करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
योजना शुरुआत में 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन प्रदान करने के साथ शुरू की जाएगी। देश में करीब 10 करोड़ महिलाएं एसएचजी से जुड़ी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम उन्हें ड्रोन के संचालन और मरम्मत का प्रशिक्षण देंगे। कई स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन प्रदान किए जाएंगे। इन कृषि ड्रोनों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है। यह पहल 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ड्रोन उड़ाने से शुरू होगी।’’
उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही देश को आगे ले जाएगा।
मोदी ने कहा, ‘‘ आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नागरिक विमानन में भारत के पास सबसे अधिक महिला पायलट हैं।'’’
उन्होंने कहा कि महिला वैज्ञानिक चंद्रयान मिशन का नेतृत्व कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 समूह ने महिलाओं के नेतृत्व में विकास के भारत के दृष्टिकोण को स्वीकार किया है।
मोदी ने साथ ही कहा कि ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ (पीएम-किसान) के तहत किसानों के खातों में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गई है। सरकार किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने उर्वरक के लिए 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी भी प्रदान की है।
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