तिरुवनंतपुरम, आठ नवंबर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ‘‘राज्य सरकार को परेशान करने के उद्देश्य’’ के तहत कुछ विधेयकों को मंजूरी देने में ‘‘अनावश्यक देरी’’ की।
विजयन ने आरोप लगाया कि ‘‘राज्य सरकार को परेशान करने’’ का खान का ‘‘व्यक्तिगत एजेंडा’’ भी हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। जब संवाददाताओं ने राज्यपाल द्वारा कुछ विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने और राज्य सरकार द्वारा इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत का रुख करने के बारे में पूछा तो विजयन ने कहा कि खान संविधान के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार जब शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर कुछ टिप्पणियां करती है, तो कोई, विशेष रूप से संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति, अलग रुख कैसे अपना सकता है।
एक अन्य बयान में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को कहा कि केंद्र के अमित्रतापूर्ण राजकोषीय दृष्टिकोण के कारण केरल को वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन राज्य कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना बंद नहीं करेगा।
मुफ्त सुविधाएं देने को लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के बीच जारी राजनीतिक खींचतान के बीच, विजयन ने कहा कि केरल केंद्र सरकार के इस रुख को स्वीकार नहीं करता है कि कोई चीज मुफ्त नहीं होनी चाहिए।
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