नयी दिल्ली, 25 फरवरी दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने मंगलवार को कहा कि नगर सरकार लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में ‘विकसित दिल्ली संकल्प पत्र’ को अपनाएगी।
उन्होंने कहा कि नयी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन, महिला सशक्तीकरण, स्वच्छ दिल्ली, यमुना नदी के कायाकल्प और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने समेत 10 प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी।
हाल ही में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया था, जिसका नाम ‘विकसित दिल्ली संकल्प पत्र’ था। इसमें शहर की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया गया था।
नवगठित आठवीं दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए दिल्ली सरकार के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में सरकार की प्राथमिकता सड़कें, सीवर लाइनें, स्वास्थ्य सुविधाएं और पेयजल समस्याएं ठीक करना होगी।
सक्सेना ने भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा, “इसके साथ ही, मेरी सरकार विज्ञापनों के मायाजाल में छिपी कमजोर और भ्रष्ट सरकारी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से भ्रष्टाचार मुक्त, मजबूत और सुचारू बनाएगी।”
उपराज्यपाल ने दावा किया कि पिछले एक दशक से लगातार राजनीतिक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप के कारण दिल्ली की प्रगति बाधित हुई है। उन्होंने कहा कि नयी सरकार प्रभावी शासन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और अन्य राज्यों के साथ समन्वय में काम करेगी।
सक्सेना ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास और सबका सम्मान’ मेरी सरकार की दिशा तय करेगा।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों की बढ़ती उम्मीदों और आकांक्षाओं से पूरी तरह वाकिफ सरकार 10 प्रमुख क्षेत्रों पर जोर देगी।
नयी सरकार की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध करते हुए सक्सेना ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रभावी प्रशासन, गरीबों का कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, बेहतर शिक्षा, विश्व स्तरीय सड़क परिवहन, प्रदूषण मुक्त दिल्ली, स्वच्छ पेयजल, अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण, किफायती आवास और यमुना के पुनरुद्धार सहित कई क्षेत्रों पर प्रकाश डाला।
सक्सेना ने सदन को बताया, “मेरी सरकार ‘विकसित दिल्ली’ संकल्प को नीति दस्तावेज के रूप में अपनाएगी और जनता से किए गए वादों को पूरा करने के साथ-साथ उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।”
उन्होंने कहा कि यह नीति दस्तावेज वर्तमान सरकार की “सर्वोच्च प्राथमिकता” होगी और सभी विभाग प्रमुखों को 100 दिवसीय कार्य योजना और विकास योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
उपराज्यपाल ने कहा कि नयी सरकार दिल्ली को विश्वस्तरीय और देश का सबसे स्वच्छ मेट्रो शहर बनाएगी। उन्होंने कहा, “पहले दिन से ही मेरी सरकार यमुना को साफ करने और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लघु, मध्यम और दीर्घकालिक परियोजनाओं पर काम करेगी।”
सक्सेना ने कहा कि प्रत्येक गरीब महिला को 2,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे और प्रत्येक गर्भवती महिला को 21,000 रुपये की वित्तीय सहायता और छह पोषण किट दिए जाएंगे।
उन्होंने भाजपा के कई अन्य चुनावी वादों को भी दोहराया, जिनमें 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर, होली और दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज शामिल है।
उपराज्यपाल ने कहा, “भारी जनादेश के माध्यम से दिल्ली की जनता ने मेरी सरकार और उसके घोषणापत्र में शामिल नीतियों में अपना विश्वास व्यक्त किया है।”
सक्सेना ने सदन को बताया कि सरकार राजस्व संग्रहण को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास करेगी ताकि जन कल्याण और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो सके। उन्होंने आप सरकार के दौरान दी गई मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं के लिए बस यात्रा जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा, “जहां एक ओर मेरी सरकार मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेगी, वहीं दूसरी ओर इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी तथा भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगी।”
सक्सेना ने कहा कि सरकार का मानना है कि पिछले 10 वर्षों में “लगातार टकराव और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति” ने दिल्ली को नुकसान पहुंचाया है और वह इस अवांछित स्थिति को पूरी तरह से समाप्त कर देगी।
उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के सिद्धांतों के आधार पर केंद्र और अन्य राज्यों के साथ समन्वय और सहयोग से काम करेगी।
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