जरुरी जानकारी | मानव निर्मित रेशा उद्योग को वित्तपोषण के लिए केंद्रित उत्पाद निवेश योजना लाएगी सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार मानव निर्मित रेशा उद्योग के वित्तपोषण के लिए केंद्रित उत्पाद निवेश योजना लाने जा रही है। इससे वैश्विक कपड़ा बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। कपड़ा सचिव रवि कपूरी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, छह अगस्त सरकार मानव निर्मित रेशा उद्योग के वित्तपोषण के लिए केंद्रित उत्पाद निवेश योजना लाने जा रही है। इससे वैश्विक कपड़ा बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। कपड़ा सचिव रवि कपूरी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

कपूर ने इन्वेस्ट इंडिया एक्सक्लूसिव इन्वेस्टमेंट फोरम (जापान एडिशन) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के तहत मानव निर्मित रेशा क्षेत्र में नए और विस्तार दोनों के लिए निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकेगा।

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नए निवेश से तात्पर्य किसी कंपनी द्वारा नई सुविधाओं का विकास करने से है। विस्तार के लिए निवेश के तहत कंपनी मौजूदा सुविधाओं का अधिग्रहण करती है या उसे पट्टे पर लेती है।

कपूर ने कहा कि सरकार एकीकृत विशाल टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना को अंतिम रूप देने के चरण में है। इन पार्कों को बंदरगाहों के पास स्थापित करने का प्रस्ताव है।

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कपड़ा सचिव ने कहा कि भारत को टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में एक प्रमुख उत्पादक के रूप में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे है। फिलहाल 250 अरब डॉलर के टेक्निकल टेक्सटाइल बाजार में भारत की हिस्सेदारी काफी कम है।

टेक्निकल टेक्सटाइल में आटोमोटिव ऐप के लिए बनाया जाने वाला टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, जियोटेक्सटाइल, एग्रोटेक्सटाइल और सुरक्षा के लिए पहने जाने वाले कपड़े आते हैं।

कपूर ने कहा कि कपड़ा मंत्रालय कम से कम देश में दो कपड़ा मशीनरी विनिर्माण पार्क स्थापित करना चाहता है। इसमें हम जापान से बड़े निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। मानव निर्मित रेशे का वैश्विक कपड़ा बाजार में हिस्सा 70 प्रतिशत का है। भारत के कपड़ा उद्योग का आकार 150 अरब डॉलर है। इसमें से 40 अरब डॉलर का निर्यात होता है।

अजय

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