जरुरी जानकारी | सरकार कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने को लेकर गंभीर: तोमर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार जलवायु परिवर्तन के प्रभाव सहित भारत के कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली सभी तरह की चुनौतियों से निपटने को लेकर गंभीर है।
नयी दिल्ली, दो सितंबर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार जलवायु परिवर्तन के प्रभाव सहित भारत के कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली सभी तरह की चुनौतियों से निपटने को लेकर गंभीर है।
उद्योग मंडल सीआईआई के ‘16वें वहनीयता शिखर सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में अन्य चुनौतियां भी हैं।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार गंभीरता से अपनी भूमिका निभा रही है और अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही है।
सीआईआई के एक बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया, ‘‘मौसम का मिजाज बिगड़ने के कारण कहीं सूखा है या कहीं बाढ़। ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। हमारे वैज्ञानिक उचित बीज आदि के लिए बहुत मेहनत से काम कर रहे हैं।’’
तोमर ने कहा कि कोविड संकट के दौरान भी, किसानों ने बंपर उत्पादन के लिए कड़ी मेहनत की और कृषि क्षेत्र ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग 1.57 लाख करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं।
तोमर ने कहा कि केंद्र नए कृषि कानून लाया है, जो कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नए कृषि कानूनों के साथ, पूरा देश किसानों के लिए एक खुला बाजार होगा। इसे देखते हुए, निजी क्षेत्र भी अब आधुनिक कृषि-व्यवसाय में निवेश कर सकते हैं। वे गोदाम, शीत भंडारगृह आदि जैसी फसल कटाई बाद की सुविधाएं स्थापित कर सकते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि इससे किसानों के लिए कम शुल्क पर बेहतर सुविधायें मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा और यह कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इन सुधारों ने निवेश के पर्याप्त अवसर पैदा किए हैं और इसमें खामियों को दूर करने का प्रयास किया है।
तोमर ने कहा कि सरकार ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की है, जो खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
उन्होंने कहा कि छोटे और मझोले किसानों के लिए खेती को लाभदायक बनाने के लिए खेतों के पास बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक लाख करोड़ रुपये का कृषि अवसंरचना कोष बनाया गया है, जिसके माध्यम से परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
यह कहते हुए कि एक केंद्रीय योजना के तहत देश में 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जाएंगे, तोमर ने कहा कि इससे किसानों को बेहतर बाजार और आय में वृद्धि के मामले में बहुत मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह देश के लिए गर्व की बात है कि हम कृषि निर्यात के मामले में दुनिया के शीर्ष दस देशों में शामिल हो गए हैं और हम बेहतर करना चाहते हैं।’’
इस कार्यक्रम में डेनमार्क सरकार के पर्यावरण मंत्री ली वर्मेलिन ने कहा कि भारत और डेनमार्क ने दूरगामी ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में एक नए युग की शुरुआत की है जो देश को टिकाऊ समाधान देने के मामले में एक विशेष स्थान दिलायेगा।
राजेश
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 02, 2021 09:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

