नयी दिल्ली, 24 जून सरकार ने घरेलू बाजार में मक्का की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से इस साल 15 प्रतिशत की रियायती सीमा शुल्क पर पांच लाख टन मक्का के आयात के लिए मानदंडों को अधिसूचित किया है।
इन आयातों को टैरिफ दर कोटा योजना के तहत अनुमति दी जाती है जिसमें सरकार सीमा शुल्क की रियायती दरों पर चार उत्पादों के आयात की अनुमति देती है, जिसमें मक्का (मकई) शामिल है।
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सरकार ने 15 प्रतिशत रियायती शुल्क पर इस वर्ष के लिए 10,000 टन दूध और क्रीम पाउडर के आयात के मानदंडों को भी अधिसूचित किया है।
इसके अलावा, रिफाइंड रेप, कोल्ज़ा या सरसों के तेल एवं सूरजमुखी के बीज या कुसुम के तेल यानी प्रत्येक के 1.5 लाख टन का क्रमशः 45 प्रतिशत और 50 प्रतिशत शुल्क पर आयात किया जाएगा।
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मौजूदा समय में, मक्का पर 50 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू है।
भारत पारंपरिक रूप से दक्षिण पूर्व एशिया का एक प्रमुख मकई निर्यातक रहा है, लेकिन सूखे और बढ़ती घरेलू मांग के कारण निर्यात आपूर्ति में कटौती हुई। पोल्ट्री क्षेत्र और स्टार्च निर्माता मक्का के प्रमुख उपभोक्ता हैं।
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