देश की खबरें | गोवंश को लम्पी से बचाने के लिए पूरी संवेदनशीलता व सजगता से काम कर रही है सरकार: कटारिया

जयपुर, 21 सितंबर राजस्‍थान के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार गोवंश को संक्रामक चर्म रोग लम्पी से बचाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और सजगता के साथ काम कर रही है। इसके साथ ही उन्‍होंने लम्पी बीमारी को नियंत्रित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

कटारिया ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में एक सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि इस बीमारी में औषधि आपूर्ति के लिए 40 करोड़ रुपए कॉनफैड के माध्यम से दिए जाने हैं, जिसमें छह करोड़ रुपए जिलों को दिए जा चुके हैं।

इससे पहले कटारिया ने एक मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि वर्तमान में राज्‍य के गोवंशीय पशुओं में संक्रामक चर्मरोग लम्‍पी फैल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 45 लाख गोट पॉक्स टीके खरीदने के आदेश दिए थे जिनमें से 16 लाख डोज प्राप्त हो चुका है।

कटारिया ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार लम्पी रोग से ग्रसित गायों का आंकड़ा पशुधन सहायक, पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक तथा जिला अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर तय करती है और इस संबंध में अन्य कोई सर्वे नहीं हुआ है। उन्‍होंने बताया कि वर्तमान में राज्‍य में लम्‍पी रोग से ग्रसित गोवंश की मौत होने पर सरकार द्वारा गोपालकों को किसी भी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री को 29 अगस्त 2022 को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि प्राकृतिक आपदा कानून के तहत लम्‍पी को महामारी घोषित किया जाये ताकि इस बीमारी से मरने वाले गोवंश का मुआवजा दिलवाकर पशुपालकों और गौशालाओं को राहत प्रदान की जा सके।

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