जरुरी जानकारी | वित्त प्रौद्योगिकी पर बनी सरकारी समिति कृषि, बीमा क्षेत्र में इसके अनुप्रयोग पर कर रही विचार

नयी दिल्ली, 24 जून आर्थिक मामलों के सचिव की अध्यक्षता में वित्त प्रौद्योगिकी पर बनी एक समिति सहकारी, बीमा और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोग पर विचार कर रही है।

आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव के. राजारमण ने कहा, ‘‘ समिति ने कई क्षेत्रों में काम किया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को जीएसटीएन से जोड़ने का सुझाव दिया जिससे उन्हें उनके जीएसटी बिल के अनुरूप ऋण मुहैया कराने में मदद मिली और इससे ऋणदाता का जोखिम भी कम हुआ है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘अब हम सहकारी, बीमा और कृषि क्षेत्र में भी वित्त प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर विचार कर रहे हैं।’’

राजारमण यहां उद्योग मंडल के एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार भी इसके लिए सक्रियता से एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग समझौते पर काम कर रही है। यह समझौता एक संयुक्त कार्यकारी समूह के रूप में होगा जो वित्त प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नियमन के लिए सीमापार सहयोग के लिए काम करेगा।

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उन्होंने कहा कि समिति रुपे कार्ड और यूपीआई-क्यूआर कोड जैसे घरेलू भुगतान गेटवे का उपयोग सीमापार लेनदेन में कैसे किया जाए, इस पर भी विचार कर रही है।

साथ ही समिति वीडियो के माध्यम से ग्राहक को जानो (केवाईसी) नियमों के अनुपालन को अनुमति देने पर भी विचार कर रही है ताकि बैंक कर्मचारी की अनुपस्थिति में भी वास्तविक समय में यह प्रक्रिया पूरी हो सके।

इस अंतरमंत्रालयी समिति की बैठक हर महीने होती है। राजारमण ने अगले पखवाड़े में इसकी बैठक होने की उम्मीद जतायी।

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