नयी दिल्ली, 10 फरवरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में राज्यमंत्री अजय टमटा ने सोमवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि में पर्यावरण की देखभाल को शामिल होनी चाहिए, क्योंकि यह जीवन और जीवनयापन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि राजमार्ग मंत्रालय उत्सर्जन और अपशिष्ट समस्या को हल करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय सड़कों के निर्माण के लिए पुनर्चक्रित सामग्री का उपयोग कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि सरकार शून्य-शुद्ध कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में सलाहकार संजय अग्रवाल ने कहा कि टिकाऊ सार्वजनिक खरीद में स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और वैश्विक स्रोतों पर जोर नहीं देना चाहिए, जिससे लागत बढ़ जाती है।
अग्रवाल ने विश्व बैंक से इस मुद्दे पर विचार करने और इसपर कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘बहुपक्षीय विकास बैंकों को देश-विशिष्ट खरीद प्रक्रियाओं का उपयोग करना चाहिए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY