देश की खबरें | प्रयागराज में क्वरंटीन सुविधा के कथित अभाव पर सरकार ने सफाई दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रयागराज जिले में पृथक-वास की सुविधा के कथित अभाव की वजह से पैदा हो रही परिस्थितियों को देखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार से अदालत को स्थिति से अवगत कराने को कहा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

प्रयागराज, 18 जुलाई प्रयागराज जिले में पृथक-वास की सुविधा के कथित अभाव की वजह से पैदा हो रही परिस्थितियों को देखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार से अदालत को स्थिति से अवगत कराने को कहा।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित सिंह की पीठ ने 17 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश के अनुरोध पर कोविड-19 से जुड़ी समस्याओं के मामले को सुना। हालांकि इस पीठ ने इससे पहले इस मामले की सुनवाई की तारीख 20 जुलाई तय की थी।

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चूंकि मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में कुछ समस्यायें लाई गई थीं, इसलिए उन्होंने इस मामले को उक्त पीठ के पास भेजा।

सत्रह जुलाई को जब इस मामले की सुनवाई शुरु हुई, तब अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को बताया कि संस्थागत पृथक-वास का दायरा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

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उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि इसके अलावा, पुलिस सख्ती से गश्त लगा रही है और लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए लाउडस्पीकर पर घोषणाएं की जा रही हैं। शारीरिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त जुर्माना लगाया जा रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज) केपी सिंह ने अदालत को आश्वस्त किया कि शारीरिक दूरी के नियम को सख्ती से लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और नियमित रूप से गश्त लगाई जा रही है और महामारी नियमन 2020 के प्रावधानों को लागू किया जा रहा है।

सिंह ने हालांकि अदालत से अनुरोध किया कि प्रयागराज नगर निगम को यह सुनिश्चित करने के लिए कि दुकानदार अपनी दुकानों के भीतर या बाहर भीड़ लगने न दें, सभी उपलब्ध नियमों को लागू करने का निर्देश दिया जा सकता है।

इस अनुरोध पर अदालत ने कहा, 13 जुलाई, 2020 के आदेश में हम पहले ही नगर निगम को उचित निर्देश जारी कर चुके हैं। अदालत ने कहा कि हमें पूरी आशा है कि सुनवाई की अगली तारीख पर नगर निगम हलफनामा दाखिल कर हमारे आदेश के अनुपालन के बारे में अवगत कराएगा।

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 24 जुलाई, 2020 तय की।

– राजेंद्र

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