जरुरी जानकारी | सरकार ने केयर्न ऑयल एंड गैस से 52 करोड़ डॉलर मांगे, कंपनी ने सौंपी मध्यस्थता की नोटिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की तेल और गैस इकाई केयर्न को 52 करोड़ डॉलर (लगभग 3,941 करोड़ रुपये) देने के लिए नोटिस जारी किया है। सूत्रों ने बताया कि ऑडिट के दौरान कंपनी द्वारा संचालित राजस्थान की तेल और गैस फील्ड में लागत वसूली में कथित अनियमितता पाए जाने के बाद यह नोटिस दी गई।

नयी दिल्ली, 28 मई सरकार ने अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की तेल और गैस इकाई केयर्न को 52 करोड़ डॉलर (लगभग 3,941 करोड़ रुपये) देने के लिए नोटिस जारी किया है। सूत्रों ने बताया कि ऑडिट के दौरान कंपनी द्वारा संचालित राजस्थान की तेल और गैस फील्ड में लागत वसूली में कथित अनियमितता पाए जाने के बाद यह नोटिस दी गई।

सूत्रों ने साथ ही बताया कि कंपनी ने इस मांग को विवादित बताया है और मध्यस्थता की कार्यवाही शुरू की है।

यह भी पढ़े | बिहार: बक्सर के क्वारंटीन सेंटर में युवक की खुराक जानकार सभी दंग, खाता है 40 रोटियां, 10 प्लेट चावल.

मामले की सीधे तौर पर जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत आने वाले हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने राजस्थान ब्लॉक आरजे-ऑन-90/1 में मंगला और अन्य तेल फील्ड में पूंजी एवं परिचालन लागत के लेखांकन के बाद सरकार के लिए 52 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त पेट्रोलियम मुनाफे की मांग की।

ऑडिट में कथित तौर पर तेल उत्खनन के लिए बुनियादी ढांचे पर किए गए पूंजीगत खर्चों में विसंगतियां दर्ज की गई थीं।

यह भी पढ़े | IRCTC New Rules: लॉकडाउन में बदला रेलवे का रिजर्वेशन और कंसेशन नियम, जान लेंगे तो होगा फायदा.

कानून के मुताबिक सरकार के साथ मुनाफा बांटने से पहले परिचालक तेल और गैस की बिक्री से हुई आमदनी से सभी पूंजीगत व्यय और परिचालन लागत की भरपाई करती है, और ऐसे में अधिक खर्च दिखाने से सरकार का मुनाफा कम हो जाता है।

उन्होंने कहा कि अग्रवाल के नियंत्रण वाले वेदांता लिमिटेड के तहत आने वाले केयर्न ऑयल एंड गैस ने इस महीने की शुरुआत में एक मध्यस्थता नोटिस भेजा, जिसमें इस मांग को विवादित बताया गया।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया।

केयर्न 70 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ राजस्थान ब्लॉक की परिचालक है, जबकि शेष हिस्सेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी के पास है।

सूत्रों का कहना है कि ओएनजीसी इस मध्यस्थता का हिस्सा नहीं है, लेकिन विवाद समाधान की कार्यवाही का जो भी नतीजा होगा, उसका उसे भी पालन करना होगा। सूत्रों ने कहा कि यदि मध्यस्थता पैनल डीजीएच का समर्थन करता है तो कंपनी को 52 करोड़ डॉलर की मांग का 30 प्रतिशत भुगतान करना होगा।

केयर्न की मध्यस्थता नोटिस के चलते उत्पादन बंटवारा समझौता (पीएससी) के तहत विवाद समाधान प्रक्रिया की शुरुआत होगी। तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल में एक सदस्य केयर्न का, एक सरकार का और एक निष्पक्ष सदस्य होगा।

केयर्न और ओएनजीसी के बीच पहले ही ब्लॉक से रॉयल्टी के भुगतान को लेकर विवाद है। केयर्न ने अपने राजस्थान ब्लॉक से उत्पादित तेल पर रॉयल्टी के अपने हिस्से का भुगतान करना बंद कर दिया था।

सूत्रों ने कहा कि जुलाई 2017 के बाद से ओएनजीसी को 40 करोड़ डॉलर की बकाया रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Bihar Train Fire Video: बिहार में सासाराम रेलवे स्टेशन पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में लगी भीषण आग, एक बोगी जलकर राख, यात्रियों ने किसी तरह ट्रेन से कूदकर बचाई जान

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी