जरुरी जानकारी | डब्ल्यूटीओ में भारत-अफ्रीका के पेटेंट छूट प्रस्ताव में हुई अच्छी प्रगति: वाणिज्य सचिव

उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्यों के प्रस्ताव पर विधि सम्मत मसौदा आधारित बातचीत शुरू करने पर सहमति का मतलब है कि सदस्यों ने मोटे तौर पर प्रस्ताव के उद्देश्य को स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव ने बहुत तेज गति से जबरदस्त प्रगति हासिल की है। किसी न किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए जुलाई अंत की समय सीमा है। उम्मीद है कि सदस्य इस पर जल्द अपनी सहमति देंगे।’’

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के उद्देश्य किस तरह और कब तक लागू रहेंगे, यह सब विधि सम्मत मसौदा आधारित बातचीत से ही पता चलेगा।

गौरतलब है कि अक्तूबर 2020 में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने कोविड महामारी की रोकथाम एवं इलाज के लिये ट्रिप्स समझौते के कुछ प्रावधानों को लागू करने के छूट दिये जाने के संबंध में डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्य देशों को एक प्रस्ताव सौंपा था।

इस साल मई में भारत, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया समेत 62 देशों ने भी संशोधित प्रस्ताव दिये।

बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं (ट्रिप्स) को लेकर समझौता जनवरी 1995 में लागू हुआ था। यह कॉपीराइट, औद्योगिक डिजाइन, पेटेंट और अघोषित सूचना या व्यापार गोपनीय जानकारी की सुरक्षा जैसे बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर किया गया एक बहुपक्षीय समझौता है।

जतिन

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