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देश की खबरें | गोधरा कांड: मौत की सजा उम्रकैद में तब्दील कर दिये गये दोषियों की जमानत अर्जियां खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने 2002 के गोधरा ट्रेन आगजनी मामले में उन दोषियों की जमानत अर्जियां सोमवार को खारिज कर दी, जिन्हें निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी लेकिन गुजरात उच्च न्यायालय ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।

देश की खबरें | गोधरा कांड: मौत की सजा उम्रकैद में तब्दील कर दिये गये दोषियों की जमानत अर्जियां खारिज

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने 2002 के गोधरा ट्रेन आगजनी मामले में उन दोषियों की जमानत अर्जियां सोमवार को खारिज कर दी, जिन्हें निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी लेकिन गुजरात उच्च न्यायालय ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।

निचली अदालत ने 11 दोषियों को मौत की सजा, जबकि 20 अन्य को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने मामले में 31 व्यक्तियों की दोषसिद्धि बरकरार रखी थी, जबकि सजा हल्की कर दी थी। हालांकि, उनमें से कुछ ने शीर्ष न्यायालय का रुख कर दोषसिद्धि व सजा के खिलाफ अपनी अपील का निस्तारण होने तक जमानत देने का अनुरोध किया था।

गौरतलब है कि 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे को आग के हवाले कर दिया गया था, जिसमें 59 लोग मारे गये थे। इस घटना के बाद राज्य में दंगे भड़क गये थे।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील किये जाने के खिलाफ राज्य सरकार की अपील के अलावा दोषियों की जमानत अर्जियों के समूह से प्रभावी रूप से निपटने के लिए एक अंतर रखने की जरूरत है।

पीठ ने कहा कि अभी वह उन व्यक्तियों की जमानत अर्जियां खारिज कर रही है, जिनकी सजा हल्की किये जाने से पहले निचली अदालत ने (जिन्हें) मौत की सजा सुनाई थी।

पीठ ने अब निस्तारण के लिए दोषियों की शेष जमानत अर्जियां 21 अप्रैल के लिए रख ली है।

गुजरात सरकार की ओर से शीर्ष न्यायालय में पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई की शुरूआत में कहा, ‘‘हम उन दोषियों को मौत की सजा के लिए गंभीरतापूर्वक जोर दे रहे हैं जिनकी मौत की सजा को (गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा) उम्र कैद में तब्दील कर दिया गया। यह एक दुर्लभतम मामला है जिसमें महिलाओं व बच्चों सहित 59 लोगों को जिंदा जला दिया गया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘(ट्रेन के) डिब्बे का दरवाजा बाहर से बंद था। यह पथराव की एक सामान्य घटना नहीं है। महिलाओं और बच्चे सहित 59 लोग मारे गये थे।’’

शीर्ष न्यायालय ने 24 मार्च को कहा था कि वह दोषियों की जमानत अर्जियों का निस्तारण विषय की सुनवाई की अगली तारीख पर करेगा।

उल्लेखनीय है कि शीर्ष न्यायालय ने मामले में अब तक दो दोषियों को जमानत दी है। विषय में सात अन्य जमानत अर्जियां फैसले के लिए लंबित हैं।

पीठ ने यह उल्लेख किया कि मामले में अब तक काफी संख्या में जमानत अर्जियां दायर की गई हैं। न्यायालय ने कहा, ‘‘यह सहमति बनी है कि अर्जीकर्ताओं की ओर से वकील, गुजरात सरकार की अधिवक्ता स्वाति घिलदियाल के साथ सभी संबद्ध विवरण के साथ एक व्यापक तालिका तैयार करे। विषय को तीन हफ्ते बाद के लिए सूचीबद्ध किया जाए।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2023 10:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).