देश की खबरें | लोगों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए हर वर्ष 10 दिन का समय दें : केंद्र का एसएसआर दिशानिर्देश

नयी दिल्ली, 11 मई समाज के साथ ज्ञान साझा करने के लिए वैज्ञानिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सरकार की वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (एसएसआर) पहल के तहत विज्ञान को जनता के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए हर वर्ष कम से कम 10 व्यक्ति दिवस का योगदान दें।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को एसएसआर दिशानिर्देश जारी किए। ये दिशानिर्देश एसएसआर गतिविधियों में लगे लोगों को “प्रोत्साहित” करने और प्रदर्शन मूल्यांकन में इसे उचित महत्व देने का प्रयास करते हैं।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि एसएसआर दिशानिर्देशों का व्यापक उद्देश्य विज्ञान और समाज के संबंधों को मजबूत करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर वैज्ञानिक समुदाय की परोक्ष क्षमता का दोहन करना है और इस तरह सामाजिक जरूरतों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को उत्तरदायी बनाना है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 1998 में 11 और 13 मई को किए गए परमाणु परीक्षणों की याद में मनाया जाता है।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की तर्ज पर एसएसआर के लिए सुझाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में तिरुपति में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन भाषण में दिया था।

दिशानिर्देश में कहा गया, “संस्थागत परियोजनाओं और व्यक्तिगत गतिविधियों का समय-समय पर मूल्यांकन करने के लिए ‘एंकर वैज्ञानिक संस्थान’ सहित प्रत्येक संस्थान में एक एसएसआर मूल्यांकन प्रकोष्ठ होना चाहिए।”

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