जयपुर, 23 अप्रैल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने असम पुलिस द्वारा गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को गिरफ्तार किए जाने की निंदा करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग करार दिया है। गहलोत ने कहा है कि केंद्र और भाजपा सरकारों का यह तानाशाही रवैया संविधान के विरुद्ध लोकतंत्र पर काले धब्बे की तरह है।
गहलोत ने ट्वीट किया, 'गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को प्रधानमंत्री के विरोध में ट्वीट करने पर असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार करना सत्ता का दुरुपयोग है। केंद्र और भाजपाई सरकारों का यह तानाशाही रवैया संविधान के विरुद्ध लोकतंत्र पर काले धब्बे की तरह है।'
उन्होंने लिखा, ' यदि राजनेताओं को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों के विरोध में बयान देने पर गिरफ्तार किया जाएगा तो देश में शायद जेलों की संख्या कम पड़ जाएगी।'
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक मेवानी को बुधवार की रात गुजरात के पालनपुर शहर से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके कथित ट्वीट को लेकर असम के कोकराझार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वहीं गहलोत ने पंजाब में अलका लांबा और कुमार विश्वास के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की भी आलोचना की है।
गहलोत ने एक अन्य ट्वीट में लिखा,'पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार भी भाजपा के कदमों पर चल रही है। पंजाब पुलिस ने राजनीतिक बयानों को लेकर अलका लांबा एवं कुमार विश्वास के खिलाफ मामला दर्ज कर इसे साबित किया है।'
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को पुलिस से दबाने का अलोकतांत्रिक प्रयास करने की होड़ भाजपा और आम आदमी पार्टी में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह स्वीकार्य नहीं है।
पृथ्वी
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