गडकरी ने कहा, ‘ढहने’ के कगार पर एमएसएमई क्षेत्र, उद्योग बकाया राशि जारी करें
उन्होंने कहा कि एमएसएमई की स्थिति "सबसे खराब" है, क्योंकि अब उनके सामने "अपने अस्तित्व की लड़ाई" का सवाल आ गया है।
नयी दिल्ली, सात मई केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि एमएसएमई क्षेत्र पूरी तरह ‘ढहने’ के कगार पर है। उन्होंने प्रमुख उद्योगों से एक महीने के भीतर ऐसी कंपनियों को बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई की स्थिति "सबसे खराब" है, क्योंकि अब उनके सामने "अपने अस्तित्व की लड़ाई" का सवाल आ गया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और प्रमुख उद्योगों के ऊपर एमएसएमई इकाइयों की बकाया राशि बहुत अधिक है।
एमएसएमई मंत्री ने सियाम के सदस्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, "मेरा प्रमुख उद्योगों के आप सभी सदस्यों से अनुरोध है कि यदि किसी भी कीमत पर भुगतान एक महीने के भीतर जारी करना संभव है, तो इससे अधिक समय न लें, अन्यथा स्थिति बहुत खराब है।"
उन्होंने कहा, "लेकिन फिर भी अगर कहीं भी आपको कोई समस्या है, तो कृपया इस क्षेत्र के बारे में सकारात्मक रहें, क्योंकि यह वास्तव में बहुत बुरी हालत में है। अब यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है यदि आप उनकी मदद कर सकते हैं, एक महीने के भीतर यदि आप उनका भुगतान दे सकते हैं, तो अच्छा रहेगा।”
मंत्री ने कहा कि वह एक ऐसी योजना शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें "रोलिंग फंड" की स्थापना की जाये, जहां एमएसएमई को बकाया के भुगतान में होने वाली देरी के कारण ब्याज लागत आपूर्तिकर्ता या क्रय उद्योग द्वारा वहन की जाएगी।
गडकरी ने कहा कि "रोलिंग फंड’’ एमएसएमई के लिये कार्यशील पूंजी पाने में मददगार होगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 07:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

