विदेश की खबरें | ईरान के बारे में गबार्ड की राय ‘गलत’ थी: ट्रंप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. शुक्रवार को अपनी ‘सुपर पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ के लिए धन जुटाने के वास्ते न्यूजर्सी पहुंचने पर ट्रंप से मार्च में कांग्रेस को दिए गए गबार्ड के बयान के बारे में पूछा गया। दरअसल गबार्ड ने तब कहा था कि अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना ​​है कि ईरान परमाणु हथियारों पर काम नहीं कर रहा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

शुक्रवार को अपनी ‘सुपर पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ के लिए धन जुटाने के वास्ते न्यूजर्सी पहुंचने पर ट्रंप से मार्च में कांग्रेस को दिए गए गबार्ड के बयान के बारे में पूछा गया। दरअसल गबार्ड ने तब कहा था कि अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना ​​है कि ईरान परमाणु हथियारों पर काम नहीं कर रहा है।

इस पर राष्ट्रपति ने कहा,‘‘ तो फिर, मेरा खुफिया समुदाय गलत है। खुफिया समुदाय में किसने ऐसा कहा?’’

ट्रंप को जब बताया गया कि यह बात गबार्ड ने कही थी तो उन्होंने कहा, ‘‘ उनकी राय गलत है।’’

इस बीच गबार्ड ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका के पास खुफिया जानकारी है कि ईरान इस स्थिति में है कि वह कुछ हफ़्तों या महीनों के भीतर परमाणु हथियार बना सकता है।’’

गबार्ड ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होने दिया जा सकता और मैं इससे सहमत हूं।’’

इजराइल और ईरान के बीच जारी घातक हमलों के मध्य व्हाइट हाउस ने हाल ही में कहा कि ट्रंप दो सप्ताह के भीतर यह तय करेंगे कि अमेरिकी सेना इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होगी या नहीं।

व्हाइट हाउस ने कहा कि अतिरिक्त समय की मांग ‘‘इस तथ्य पर आधारित है कि निकट भविष्य में ईरान के साथ बातचीत की पर्याप्त संभावना है या नहीं।’’

लेकिन शुक्रवार को ट्रंप ने खुद इस बात पर संदेह जताया कि बातचीत से इजराइल और ईरान के बीच लड़ाई रुक सकती है।

ट्रंप ने कहा कि भले ही वह युद्धविराम का समर्थन करते हैं, लेकिन ईरान पर इजराइल के हमलों को ‘‘रोकना बहुत मुश्किल हो सकता है।’’

ईरान के इस सुझाव के बारे में पूछे जाने पर कि अगर अमेरिका वार्ता को आगे बढ़ाने के बारे में गंभीर है तो वह इजराइल से हमले रोकने के कहे। इस पर ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अभी यह अनुरोध करना बहुत कठिन है।’’

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