भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एक बयान में कहा, ‘‘जांच के परिणाम एक महीने के भीतर आने की उम्मीद है।’’
अगले महीने दीवाली सहित अभी के त्यौहारी मौसम में आम तौर पर मिठाई की बिक्री में वृद्धि हो जाती है और इसी पृष्ठभूमि में उक्त कदम उठाया गया है।
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नियामक ने कहा कि अंतिम सर्वेक्षण के नतीजे देश के विभिन्न हिस्सों में खोये की मिलावट वाले महत्वपूर्ण जगहों की पहचान करने में मदद करेंगे और आने वाले महीनों में प्रदेश स्तर पर लक्षित जगहों पर उचित व्यवस्था कायम करने के प्रयासों को मजबूत करेंगे।
यह पूरी कवायद का उद्देश्य, देश में मिठाइयों के लिए शुद्ध और सुरक्षित खोये की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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एफएसएसएआई के अनुसार, सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को बड़े शहरों में खोये की मंडियों का चयन करने को कहा गया है। उन्हें 12 से 16 अक्टूबर तक फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (एफएसडब्ल्यू) नामक मोबाइल लैब लगाने के लिए भी कहा गया और खरीदारों को अपने खोया के नमूनों का परीक्षण करवाने को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है।
नियामक ने कहा मिठाई एवं नमकीन विनिर्माता महासंघ के द्वारा मिलावटी खोया के बारे में चिंता जताये जाने के उपरांत दिल्ली में प्रायोगिक अध्ययन के बाद देशव्यापी गुणवत्ता सर्वेक्षण शुरू किया गया।
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