नयी दिल्ली, आठ नवंबर कोरोना वायरस महामारी के बीच देश के प्रमुख बंदरगाहों की माल ढुलाई (माल चढ़ाना व उतारना) चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से अक्टूबर की अवधि के दौरान 12.43 प्रतिशत घटकर 35.48 करोड़ टन रह गई। भारतीय बंदरगाह संघ (आईपीए) के आंकड़ों से इसकी जानकारी मिली है।
देश में केंद्र के नियंत्रण वाले 12 प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (पूर्ववर्ती कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलूर, कामराजार (पूर्व में एन्नोर) कोचीन, चेन्नई, वी ओ चिदंबरनार, विशाखापत्त्नम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं। कुल माल ढुलाई में इन 12 प्रमुख बंदरगाहों का हिस्सा करीब 61 प्रतिशत है।
पिछले वित्त वर्ष में इन बंदरगाहों ने 70.5 करोड़ टन माल की ढुलाई की
अक्टूबर में लगातार सातवें महीने इन बंदरगाहों पर माल ढुलाई घटी है। बीते वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में इन 12 प्रमुख बंदरगाहों की माल ढुलाई 40.52 करोड़ टन रही थी।
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आईपीए ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में इन बंदरगाहों की माल ढुलाई 12.43 प्रतिशत घटकर 35.48 करोड़ टन रही है।
हालांकि, चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह में मोर्मुगाव बंदरगाह की ढुलाई 16.47 प्रतिशत बढ़कर 1.01 करोड़ टन पर पहुंच गई।
अप्रैल-अक्टूबर के दौरान कामराजार बंदरगाह की ढुलाई 30.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.25 करोड़ टन रह गई। वहीं चेन्नई, कोचिन और मुंबई बंदरगाहों की ढुलाई में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आयी। जेएनपीटी और कोलकाता बंदरगाहों की ढुलाई में क्रमश: 18 और 14 प्रतिशत की गिरावट आई।
दीनदयाल बंदरगाह की ढुलाई 11.5 प्रतिशत, वीओ चिदंबरनार की 10.8 प्रतिशत नीचे आई। न्यू मंगलूर बंदरगाह और विशाखापत्तनम बंदरगाह की ढुलाई पांच प्रतिशत से अधिक घट गई। पारादीप बंदरगाह की ढुलाई में करीब चार प्रतिशत की गिरावट आई।
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