ताजा खबरें | सदस्यों को मुद्दे उठाने की स्वतंत्रता संविधान के प्रावधानों के अधीन : हरिवंश

नयी दिल्ली, 22 दिसंबर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने बृहस्पतिवार को कहा कि सदन में कोई भी मुद्दा उठाने के लिए सदस्यों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है लेकिन यह संविधान के प्रावधानों के अधीन है।

उन्होंने उच्च सदन में कहा कि उन पर आरोप है कि वह दूसरे पक्ष के सदस्यों को बोलने का अवसर नहीं देते जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि आसन किसी भी पक्ष के सदस्य को बोलने से कैसे मना कर सकता है जिनका नोटिस नियमों के अधीन स्वीकृत एवं सूचीबद्ध किया गया है।

उन्होंने कहा कि सदस्यों को सदन में कोई भी मुद्दा उठाने के लिए बोलने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता संविधान के प्रावधानों के अधीन है।

उन्होंने कहा कि सभापति द्वारा दी गई व्यवस्था सदन में सबके लिए बाध्यकारी है और इसका पालन करने में वह कोई अपवाद नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सदन में बोलने का मौका दिया था और 13 दिसंबर 2022 को उनका नोटिस स्वीकार नहीं किए जाने के बावजूद उन्हें बोलने की अनुमति दी गई थी।

उपसभापति ने नेता प्रतिपक्ष खरगे के उस बयान के संदर्भ में यह टिप्प्णी की जिसमें उन्होंने कहा था कि आसन ने उन्हें सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया।

इसके साथ उपससभापति हरिवंश ने कहा कि बिना किसी आधार के आसन के खिलाफ आरोप लगाना उचित नहीं है।

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