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देश की खबरें | घर खरीदारों से ‘धोखाधड़ी’: ईडी ने ‘रामप्रस्थ ग्रुप’ के दो निदेशक को गिरफ्तार किया

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देश की खबरें | घर खरीदारों से ‘धोखाधड़ी’: ईडी ने ‘रामप्रस्थ ग्रुप’ के दो निदेशक को गिरफ्तार किया

नयी दिल्ली, 21 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी ‘रामप्रस्थ ग्रुप’ के प्रवर्तकों संदीप यादव और अरविंद वालिया को घर खरीदारों के साथ कथित तौर पर 1,100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी धन शोधन जांच के तहत सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

संघीय जांच एजेंसी के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने सुबह दिल्ली और गुरुग्राम में निदेशकों के परिसरों समेत तीन परिसरों पर छापेमारी की जिसके बाद ये गिरफ्तारियां सामने आईं।

उन्होंने बताया कि दोनों रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (आरपीडीपीएल) के निदेशक और अधिकतर शेयरों के धारक हैं। उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया है।

यादव और वालिया के ईडी की कार्रवाई पर टिप्पणी के लिए कंपनी या उसके प्रवर्तकों से संपर्क नहीं किया जा सका।

एजेंसी ने सितंबर 2024 में ‘ग्रुप’ के खिलाफ सर्वेक्षण किया था।

सितंबर 2024 में भी ‘ग्रुप’ के खिलाफ छापेमारी की गई थी। आरोप है कि आरपीडीपीएल ने 2008 से 2011 के दौरान गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टर में प्रोजेक्ट एज, प्रोजेक्ट स्काईज, प्रोजेक्ट राइज और रामप्रस्थ सिटी (प्लॉट आधारित कॉलोनी परियोजना) जैसी विभिन्न आवास योजनाओं के लिए 2,000 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 1,100 करोड़ रुपये एकत्र किए।

सूत्रों ने बताया कि 15 से 20 साल बाद भी फ्लैट या भूखंड का कब्जा नहीं दिया गया है।

इस महीने की शुरुआत में एजेंसी ने जांच के तहत गुरुग्राम में समूह की 1,900 एकड़ से अधिक में फैली और 681.54 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कॉलोनियों और भूखंडों को कुर्क किया था।

ईडी ने एक बयान में कहा था कि धन शोधन का मामला दिल्ली और हरियाणा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकी से सामने आया है, जो आरपीडीपीएल और उसके प्रवर्तकों जैसे यादव, वालिया और बलवंत चौधरी के खिलाफ कई घर खरीदारों की शिकायतों पर आधारित है, जो वादे के मुताबिक समय सीमा के भीतर फ्लैट और प्लॉट देने में ‘‘विफल’’ रहे।

ईडी ने कहा था कि कंपनी और उसके प्रवर्तकों ने इन परियोजनाओं के खरीदारों से प्राप्त धन को वादे के मुताबिक घरों के निर्माण में इस्तेमाल करने के बजाय भूखंडों की खरीद के लिए अग्रिम के रूप में अपनी समूह कंपनियों को ‘‘हस्तांतरित’’ कर दिया।

कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि उसके पास गुरुग्राम में एक बड़ा भूमि बैंक है। साथ ही गुरुग्राम और गाजियाबाद के बीच 80 मिलियन वर्ग फुट से अधिक की संयुक्त विकास क्षमता है।

कंपनी ने कहा, ‘‘हमने इस क्षेत्र में 8,000 आवासीय इकाइयां सफलतापूर्वक बेची हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या लगभग 1,00,000 आवासीय इकाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2025 04:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).