नयी दिल्ली, 25 जुलाई केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं/अभियानों/पहलों से संबंधित सूचनाओं का व्यापक प्रचार करने और नागरिकों से सम्पर्क बढ़ाने के उद्देश्य से मार्च 2023 में प्रभावशाली विपणन एजेंसियों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आरंभ की गई और अब तक बोली के आधार पर चार एजेंसियों को सूचीबद्ध किया गया है।
लोकसभा में मनीष तिवारी के प्रश्न के लिखित उत्तर में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी। सदस्य ने पूछा था कि क्या यह सच है कि सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रभाव डालने संबंधी विपणन एजेंसियों को पैनल में शामिल किया है ?
उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या सरकार के पास सरकारी विज्ञापनों के लिए प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों पर बढ़ती निर्भरता की स्थिति में उचित विज्ञापन राजस्व वितरण सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया क्षेत्र के एकाधिकार को रोकने की कोई योजना है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने सूचित किया है कि ‘माईजीओवी’ ने मार्च 2023 में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं/अभियानों/पहलों से संबंधित सूचना का व्यापक प्रचार करने और नागरिकों से सम्पर्क को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभावशाली विपणन एजेंसियों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आरंभ की।
उन्होंने बताया, ‘‘ बोली पर मिली प्रतिक्रिया के आधार पर एमआईजीओवी ने चार एजेंसियों को सूचीबद्ध किया है। सूचीबद्ध करने की उक्त प्रक्रिया के तहत आज तक कोई राशि व्यय नहीं की गई है। ’’
ठाकुर ने बताया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) भारत सरकार के कार्यक्रमों/योजनाओं के प्रचार तथा जागरूकता पैदा करने से संबंधित अभियान चलाता है।
मंत्री ने कहा कि इस कार्य के लिए सीबीसी ने मीडिया/एजेंसियों को सूचीबद्ध करने तथा डिजिटल मीडिया/सोशल मीडिया सहित मीडिया प्लेटफार्मो पर विज्ञापन जारी करने एवं अन्य प्रचार कार्यों के लिए पारदर्शी नीतिगत दिशानिर्देश बनाए हैं।
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