नयी दिल्ली, 15 अप्रैल राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) की शाखाओं के लेखा परीक्षण में 2017-18 में पेशेवर अनियमितता करने के आरोप में चार लेखा परीक्षकों पर जुर्माना और एक साल का प्रतिबंध लगाया है।
पीरामल समूह के स्वामित्व और नियंत्रण वाली डीएचएफएल एक सूचीबद्ध कंपनी है और अब इसे पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जाना जाता है।
एनएफआरए ने चार अलग-अलग आदेशों में चारों लेखा परीक्षकों- मैथ्यू सैमुअल, सैम वर्गीज, हरीश कुमार टी के और एम भास्करन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सभी लेखा परीक्षक फर्म के वर्गीज एंड कॉरपोरेशन के साझेदार हैं।
आदेश के मुताबिक, सभी आरोपियों को एक साल के लिए किसी कंपनी या निकाय कॉरपोरेट के कार्यों और गतिविधियों के आंतरिक ऑडिट करने से रोक दिया गया है।
प्राधिकरण ने कहा, “एनएफआरए की शुरुआती जांच में मिले साक्ष्यों में खुलासा हुआ है कि शाखा लेखा परीक्षकों ने बिना उचित मंजूरी वाली नियुक्तियों को स्वीकार करते हुए कंपनी अधिनियम, 2013 और चार्टर्ड अकाउंटेंड अधिनियम, 1949, दोनों का उल्लंघन किया।”
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