मुंबई, तीन जुलाई पूर्व विधायक शिशिर शिंदे सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए।
शिशिर शिंदे पहले अविभाजित शिवसेना और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र निर्माण सेना (मनसे) के साथ थे। उन्होंने पिछले महीने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को यह कहते हुए छोड़ दिया था कि वह दो साल से संगठन में काम का इंतजार कर रहे हैं।
शिवसेना के तेज-तर्रार कार्यकर्ता शिंदे उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने 1991 में पार्टी के कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच खोद दी थी ताकि भारत-पाकिस्तान मैच को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के अवसर पर शिशिर शिंदे ने कहा कि वह जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और एकनाथ शिंदे के साथ काम करना चाहते हैं जो राज्य के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिशिर शिंदे शिवसेना के उपनेता होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘शिशिर शिंदे के काम करने का अपना तरीका है और वह बालासाहेब ठाकरे के समय में कई आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं।’’
ठाणे की अपनी यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने ‘गुरु पूर्णिमा’ के अवसर पर अपने गुरु स्वर्गीय आनंद दिघे को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिंदे और मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों ने ठाणे में शिवसेना के मुख्यालय आनंद आश्रम का दौरा किया। दिघे इस क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे। उन्होंने इस क्षेत्र में शिवसेना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।
उन्होंने शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे को भी श्रद्धांजलि दी।
एकनाथ शिंदे के साथ कैबिनेट सहयोगी दादा भुसे, शभूराज देसाई, उदय सामंत, संदीपन भूमरे, गुलाबराव पाटिल के साथ-साथ लोकसभा सांसद राहुल शेवाले भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि लोगों को उनके दरवाजे पर सरकारी योजनाओं के लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की ‘शासन आपला दारी’ पहल को जनता से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।
मराठी और हिंदी फिल्म उद्योग से जुड़े कई लोग भी इस अवसर पर शिवसेना में शामिल हुए और मुख्यमंत्री ने उन्हें इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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