काठमांडू, 14 फरवरी विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने मंगलवार को नेपाल के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात की और रेलवे, दोनों देशों के बीच संधियों एवं समझौतों तथा इस पड़ोसी देश में भारतीय कंपनियों की परियोजनाओं पर चर्चा की।
संपर्क, व्यापार एवं पारगमन (ट्रांजिट), बिजली क्षेत्र में सहयोग,कृषि, शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य क्षेत्र और लोगों के बीच संबंध सहित दोनों पड़ोसी देशों के बीच सहयोग के संपूर्ण आयाम पर नेपाल के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए क्वात्रा दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को यहां पहुंचे।
क्वात्रा ने मंगलवार को उप प्रधानमंत्री एवं भौतिक अवसंरचना और परिवहन मंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ से काठमांडू में सिंह दरबार स्थित कार्यालय में मुलाकात की।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान क्वात्रा ने जयनगर-कुर्था रेलवे के नवीनीकरण का मुद्दा उठाया, जिसे एक भारतीय कंपनी संचालित कर रही है और इसकी समय सीमा खत्म होने वाली है।
भारत का कोंकण रेल निगम लिमिटेड नेपाल की एकमात्र रेल सेवा का परिचालन कर रहा है।
क्वात्रा ने नेपाली तकनीकी कर्मियों को प्रशिक्षण मुहैया करने की भी पेशकश की, ताकि भविष्य में वे रेल सेवा का संचालन कर सकें, जो नेपाली रेल सेवा को भरोसेमंद, टिकाऊ और सुरक्षित बनाएगा।
विदेश सचिव ने पूर्वी नेपाल के तुमलींगतर इलाके में 900 मेगावाट क्षमता की अरुण 3 पनबिजली विद्युत संयंत्र तक जाने वाली सड़क के शीघ्र निर्माण से जुड़े विषयों पर भी अपनी चिंता जताई।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विदेश सचिव स्तर की वार्ता के दौरान दोनों पक्ष ‘जयनगर-कुर्था-बिजालपुरा-बरडीबास और जोगबनी-बिराटनगर रेल लिंक’ के शेष हिस्से का निर्माण पूरा कर शीघ्र परिचालन शुरू करने पर सहमत हुए।
विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रस्तावित ‘रक्सौल-काठमांडू रेल लिंक’ पर आगे के कदम उठाये जा रहे हैं।
इसमें कहा गया है, ‘‘दोनों पक्षों ने पिछले साल ऊर्जा क्षेत्र में हासिल की गई प्रगति की सराहना की। नेपाल अब 452.6 मेगावाट बिजली भारत को निर्यात कर सकेगा।’’
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