देश की खबरें | झारखंड में शहरी क्षेत्रों के घर में पेड़ लगाने पर प्रति पेड़ पांच यूनिट बिजली मुफ्त:मुख्यमंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि पर्यावरण को स्वस्थ रखने के लिए शहरी क्षेत्रों में उन परिवारों को सरकार प्रति पेड़ पांच यूनिट बिजली मुफ्त देगी जो अपने घर के परिसर में पेड़ लगाएंगे।
रांची, 22 जुलाई झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि पर्यावरण को स्वस्थ रखने के लिए शहरी क्षेत्रों में उन परिवारों को सरकार प्रति पेड़ पांच यूनिट बिजली मुफ्त देगी जो अपने घर के परिसर में पेड़ लगाएंगे।
सोरेन ने यहां 73वें वन महोत्सव- 2022 में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में यह घोषणा करते हुए कहा कि जब तक ऐसे निवासियों के परिसर अथवा घरों में पेड़ रहेंगे उन्हें यह लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने यह आगाह भी किया कि ध्यान रहे यह पेड़ कोई गेंदा या गुलाब का पौधा नहीं, बल्कि कोई फलदार या अन्य वृक्ष होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करते हुए जिस प्रकार हम विकास की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं उससे हम विनाश को भी आमंत्रण दे रहे हैं। अगर समय रहते सामंजस्य नहीं बैठाया गया तो मनुष्य जीवन को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।’’
उन्होंने कहा कि वन महोत्सव कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि हर दिन वन महोत्सव होना चाहिए क्योंकि जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व में एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ जलवायु परिवर्तन से हमें सचेत रहने की आवश्यकता है क्योंकि प्राकृतिक असंतुलन के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है और मनुष्य को ही इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य का नाम जंगलों पर आधारित है और झारखंड में सबसे अधिक आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं जिनका जीवन जंगल, नदी, पहाड़-पर्वत के इर्द-गिर्द ही कटता है। उन्होंने कहा कि कई मायनों में हमारा राज्य प्राकृतिक रूप से काफी धनी है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के जंगलों में पेड़ों को कटने से बचाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि वन आधारित क्षेत्रों में अब आरा मशीन संयंत्र नहीं लगेगा। जो भी आरा मशीनें पहले से स्थापित हैं उन्हें भी हटाने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के महत्व को समझने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी समेत कई प्राकृतिक आपदाएं अच्छा संकेत नहीं दे रही हैं, समय रहते हम अगर जल, जंगल और जमीन को नहीं सहेज सके तो यह दुःखद होगा।
, इन्दु
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