देश की खबरें | धमकी देने के मामले में बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को साढ़े पांच वर्ष की कैद

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यह फैसला सांसद-विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) के अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (प्रथम) उज्जवल उपाध्याय ने सुनाया है।

पीड़ित के अधिवक्ता विधान चन्द्र यादव ने बताया कि रुंगटा को धमकी देने के मामले में बृहस्पतिवार को मुख्तार अंसारी का बयान अदालत में दर्ज किया गया था। उनके अनुसार बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए थे।

यादव ने बताया कि मुख्तार अंसारी मामले में पांच दिसंबर 2023 को एमपी-एमएलए अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया था तथा आज अदालत ने आज मुख्तार अंसारी को दोषी मानते हुए उन्हें साढ़े पांच साल की कैद सजा सुनाई । अदालत ने उनपर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया । अदालत ने कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर अंसारी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यादव ने बताया कि वाराणसी के कोयला व्यवसायी नंद किशोर रुंगटा का 22 जनवरी 1997 को अपहरण कर लिया गया था। इस मुकदमे की विवेचना के बीच पांच नवंबर 1997 की शाम नंद किशोर रुंगटा के भाई महावीर प्रसाद रुंगटा को फोन कर धमकी दी गई कि अपहरण कांड की पैरवी न करें, नहीं तो बम से उड़ा दिया जाएगा। इस मामले में एक दिसंबर 1997 को भेलूपुर थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया था।

लखनऊ में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक बयान में बताया कि पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मुख्तार अंसारी को यह सजा सुनायी गयी है। बयान में कहा गया कि विगत 15 माह में अंसारी को सात अभियोगों में सजा सुनाई जा चुकी है।

मौजूदा मामला वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना में 1997 में जवाहर नगर निवासी महावीर प्रसाद रूंगटा ने दर्ज कराया था। उन्होंने मुख्तार अंसारी पर धमकी देने का आरोप लगाया था।

पुलिस बयान के अनुसार अंसारी के विरूद्ध कुल 65 अभियोग पंजीकृत हैं जिसमें सात अभियोगों में सजा सुनाई जा चुकी है।

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