नयी दिल्ली, 30 दिसंबर सरकार का राजकोषीय घाटा नवंबर के अंत में पूरे साल के बजट अनुमान के 59 फीसदी पर पहुंच गया।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि राजकोषीय घाटा (व्यय और राजस्व के बीच का अंतर) वित्त वर्ष 2022-23 की अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान 9,78,154 करोड़ रुपये था।
पिछले साल इसी अवधि में घाटा 2021-22 के बजट अनुमान का 46.2 फीसदी था।
सरकार ने 2022-23 के लिए राजकोषीय घाटा 16.61 लाख करोड़ रुपये यानी जीडीपी का 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा है। घाटे को बाजार से उधार लेकर पूरा किया जाता है।
लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार 12.24 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध कर राजस्व 2022-23 के बजट अनुमान का 63.3 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2021-22 की इसी अवधि के दौरान शुद्ध कर राजस्व संबंधित वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 73.5 प्रतिशत था।
गैर-कर राजस्व 1.98 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 73.5 प्रतिशत था। पिछले वित्त वर्ष में संग्रह बजट अनुमान का 91.8 प्रतिशत था।
अप्रैल-नवंबर के दौरान केंद्र सरकार का कुल खर्च 2022-23 के बजट अनुमान का 61.9 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले की इसी अवधि में बजट अनुमान का 59.6 प्रतिशत था।
अप्रैल-नवंबर के बीच पूंजीगत व्यय 4.47 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 59.6 प्रतिशत था। पिछले वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय बजट अनुमान का 49.4 फीसदी था।
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