प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश), आठ जुलाई प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय की नगर कोतवाली पुलिस ने एक छात्रा की तहरीर पर शनिवार को पं0 सुखराज रघुनाथी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल एन्ड टेक्नोलॉजी, रंजीतपुर चिलबिला के संरक्षक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष और उनके बेटे सहित आठ लोगों के विरुद्ध कॉलेज दाखिले में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) विद्यासागर मिश्रा ने बताया कि एक छात्रा ने थाना कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि 2019 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक (बीए) में प्रवेश के लिए जब वह पं0 सुखराज रघुनाथी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल एन्ड टेक्नोलॉजी रंजीतपुर चिलबिला गयी तो वहां विभागाध्यक्ष (एचओडी) रमेश गुप्ता, प्रबंधक चंद्रकांत त्रिपाठी व दो शिक्षक मिले और कहा कि वह विज्ञान से स्नातक की पढ़ाई कर ले।
तहरीर के अनुसार, पीड़िता ने जब कहा कि उसने 12वीं में गणित की पढ़ाई नहीं की है और वह विज्ञान से स्नातक की पढ़ाई करने को पात्र नहीं होगी तो उन्होंने दलील दी कि नियम बदल गया, तुम दाखिला ले लो।
तहरीर के आधार पर एएसपी ने बताया कि छात्रा ने उनपर भरोसा करके बीसीए में दाखिला ले लिया और फीस जमा कर दिया। उन्होंने बताया, ‘‘2022 में अंतिम सेमेस्टर बीसीए परीक्षा उत्तीर्ण कर जब वह आगे दाखिले के लिए यूनाइटेड कॉलेज नैनी प्रयागराज गयी तो काउंसलिंग के दौरान उसे बताया गया कि उसकी डिग्री निरर्थक है। छात्रा ने जब वापस आकर पुराने कॉलेज में शिकायत की तो प्राचार्य शेषमणि मिश्रा आदि ने गालियां देते हुए उसका अपमान करके भगा दिया।’’
मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर कॉलेज के संरक्षक कांग्रेस जिला अध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, प्रबंधक चंद्रकांत त्रिपाठी, प्राचार्य शेषमणि मिश्रा, एचओडी प्रदीप पाण्डेय, रमेश गुप्ता व दो अज्ञात शिक्षक सहित आठ आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा छल), 420 (छल और बेईमानी से किसी का धन हासिल करना), 354 क (लैंगिक उत्पीड़न) 504 (शांति भंग के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।
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