नयी दिल्ली, दो जून डब्ल्यूएफआई के निवर्तमान अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ छह वयस्क पहलवानों व एक नाबालिग पहलवान के पिता की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज दो प्राथमिकियों में करीब एक दशक की अवधि में आरोपी द्वारा अलग-अलग समय और विदेश सहित विभिन्न स्थानों पर यौन उत्पीड़न, अनुचित तरीके से छूने, टटोलने, पीछा करने और डराने-धमकाने के कई कथित मामलों का उल्लेख है।
दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को कनॉट प्लेस पुलिस थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की थीं, जिसमें एक में नाबालिग पहलवान के पिता द्वारा दी गई शिकायत पर बच्चों को यौन शोषण से संरक्षण दिलाने वाला पॉक्सो अधिनियम लगाया गया था, जिसमें दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल की सजा होती है।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में सिंह पर भादंवि की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है, जिसमें एक महिला की लज्जा भंग करने के लिए उस पर हमला करना (धारा 354), यौन उत्पीड़न (354 ए), पीछा करना (354 डी) शामिल है, जो दो-तीन साल की जेल की सजा के साथ दंडनीय है।
कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सिंह ने उनके करियर में मदद करने का वादा करके “यौन फायदा” उठाने का प्रयास किया।
सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि अगर उनके खिलाफ एक भी आरोप साबित हो जाता है तो भी वह फांसी लगा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी पहलवान उनके बच्चों की तरह हैं और वह उन्हें दोष नहीं देंगे क्योंकि उनकी सफलता में उनका खून-पसीना भी शामिल है।
छह पहलवानों द्वारा दायर प्राथमिकी में भारतीय कुश्ती महासंघ(डब्ल्यूएफआई) के सचिव विनोद तोमर को भी आरोपी बनाया गया है।
वयस्क पहलवानों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में एक ने आरोप लगाया, “जब मैं प्रशिक्षण ले रही थी, तब आरोपी ने मुझे अलग से बुलाया, जिससे मैंने इनकार कर दिया क्योंकि आरोपी अन्य लड़कियों को भी अनुचित तरीके से छू रहा था। आरोपी ने हालांकि मुझे फिर से बुलाया, जिसने फिर मेरी टी-शर्ट खींची और अपना हाथ मेरे पेट के नीचे सरका दिया और मेरी सांस की जांच के बहाने मेरी नाभि पर हाथ रख दिया।”
इस पहलवान ने आरोप लगाया, “होटल में मेरे ठहरने के दौरान मैंने देखा कि सभी महिला एथलीट जब भी अपने-अपने कमरे से निकलती थीं तो समूहों में यात्रा करती थीं ताकि आरोपी से अकेले न मिलें।”
दूसरी पहलवान ने आरोप लगाया, “जब मैं मैट पर जमीन पर स्ट्रेचिंग/वार्मअप कर रही थी, तभी आरोपी वहां आ गया और साइड में खड़ा होकर मुझे देख रहा था।”
उसने आरोप लगाया, “जब मैं चटाई पर लेटी हुई थी, आरोपी मेरे पास आया और मेरे प्रशिक्षक की अनुपस्थिति में अचानक मुझ पर झुक गया और मेरी अनुमति के बिना मेरी टी-शर्ट खींची तथा अपना हाथ मेरे स्तन पर रख दिया तथा मेरे श्वास की जांच/निरीक्षण के बहाने उसे मेरे पेट के नीचे सरका दिया और मुझे अनुपयुक्त तरीके से छुआ।”
एक अन्य पहलवान ने आरोप लगाया कि टीम की तस्वीर लेने के दौरान उसे परेशान किया गया।
उसने आरोप लगाया, “जब मैं आखिरी कतार में खड़ी थी और दूसरे पहलवानों के पोजीशन लेने का इंतजार कर रही थी, तभी आरोपी मेरे पास आकर खड़ा हो गया। मुझे झटका सा लगा और मैं चौंक गई जब मैंने अचानक अपने नितंब पर किसी का हाथ महसूस किया। मैंने तुरंत पीछे मुड़कर देखा और मैं डर गयी, आरोपी ने अपने हाथ मेरे नितंब पर रख दिए थे...हालांकि, जब मैंने वहां से जाने की कोशिश की, तो आरोपी ने जबरन मेरा कंधा पकड़ लिया। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटी।”
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