जरुरी जानकारी | ब्रिटेन, भारत के बीच वित्तीय सेवा क्षेत्रों में रिश्तों को मजबूत बनाने के लिये वित्तीय बाजार वार्ता
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लंदन, नौ जुलाई ब्रिटेन और भारत के बीच वित्तीय क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापार के नए अवसर खोलने के उद्देश्य से शुक्रवार को दोनों देशों की सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच डिजिटल तरीके से वित्तीय बाजार वार्ता की शुरूआती बैठक संपन्न हुई।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक के बीच 10वीं आर्थिक और वित्तीय वार्ता (ईएफडी) में दोनों देशों की कंपनियों के लिए वित्तीय सेवाओं के सहयोग को बढ़ाने और नियामकीय बाधाओं को दूर करने के लिए वित्तीय बाजार वार्ता (एफएमडी) के गठन पर सहमति बनी थी।
पहले संवाद में चार प्रमुख विषयों - गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट) पर सहयोग को मजबूत करने, बैंकिंग और भुगतान, बीमा और पूंजी बाजार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सरकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई।
भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बोरिस जॉनसन ने जिस रूपरेखा 2030 पर सहमति जतायी है, उसका ब्रिटेन-भारत संबंधों को सुदृढ़ करना है...।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शुक्रवार को आयोजित पहली वित्तीय बाजार वार्ता वित्तीय सेवाओं पर संबंधों को मजबूत करेगी और ब्रिटेन तथा भारतीय व्यापार के लिए नए अवसर पैदा करेगी....।’’
ऑनलाइन हुई बैठक की अगुवाई ब्रिटेन के वित्त विभाग और भारत के वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। इसमें ब्रिटेन और भारत की स्वतंत्र नियामकीय एजेंसियां भी शामिल हुई।’’
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