जरुरी जानकारी | वित्त मंत्री ने केंद्रीय लोक उपक्रमों के पूंजी व्यय योजना की समीक्षा की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को इस्पात और रेलवे समेत ढांचागत क्षेत्र से संबद्ध मंत्रालयों के सार्वजनिक उपक्रमों के पूंजी व्यय योजना की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये 2020-21 के पूंजी व्यय योजना क्रियान्वित करने को कहा।

नयी दिल्ली, 23 जुलाई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को इस्पात और रेलवे समेत ढांचागत क्षेत्र से संबद्ध मंत्रालयों के सार्वजनिक उपक्रमों के पूंजी व्यय योजना की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये 2020-21 के पूंजी व्यय योजना क्रियान्वित करने को कहा।

केंद्रीय लोक उपक्रमों (सीपीएसई) के साथ यह दूसरी समीक्षा बैठक थी। इससे पहले, इस महीने की शुरूआत में वित्त मंत्री ने 23 सीपीएसई के प्रमुखों के साथ पूंजी व्यय को लेकर समीक्षा बैठक की थी।

यह भी पढ़े | कोरोना की चपेट में उत्तर प्रदेश, ठीक होने वाले पीड़ितों के डिस्चार्ज को लेकर सरकार की तरफ से जारी हुई नही घोषणा.

आधिकारिक बयान के अनुसार पूंजी व्यय की समीक्षा को लेकर डिजिटल माध्यम से हुई बैठक में नागर विमानन और इस्पात मंत्रालयों के सचिवों, रेलवे बोर्ड चेयरमैन (सीआरबी) के साथ इन मंत्रालयों से संबद्ध सात सीपीएसई के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बैठक में शामिल हुए।

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इन केंद्रीय लोक उपक्रमों का कुल पूंजी व्यय लक्ष्य 24,663 करोड़ रुपये है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मोदी सरकार ने नाइट ड्यूटी अलाउंस के नियमों में किया बदलाव.

वित्त वर्ष 2019-20 में इन सात सीपीएसई के लिए 30,420 करोड़ रुपये के पूंजी व्यय का लक्ष्य था। इसकी तुलना में कुल 85 प्रतिशत यानी 25,974 करोड़ रुपये पूंजी व्यय किया गया।

बयान के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इन उपक्रमों का पूंजी व्यय 3,557 करोड़ रुपये रहा जो लक्ष्य का 14 प्रतिशत है। वहीं वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के दौरान यह 3,878 करोड़ रुपये (13 प्रतिशत) था।

सीतारमण ने संबंधित सचिवों और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के अंत तक पूंजी व्यय का 50 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने सीपीएसई के प्रदर्शन पर नजर रखने और इसके लिए उपयुक्त योजना बनाने के लिए कहा।

केंद्रीय लोक उपक्रमों ने खासकर कोविड-19 महामारी के कारण बाधाओं पर भी चर्चा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि लंबित मुद्दों को तत्काल आर्थिक मामलों के विभाग, लोक उपक्रम विभाग और निवेश और लोक परिसपंत्ति प्रबंधन विभाग के सामने उठाया जाना चाहिए, जिससे उनका तत्काल समाधान निकाला जा सके।

सीतारमण ने कहा, ‘‘असाधारण परिस्थितियों में सामूहिक प्रयासों के साथ असाधारण प्रयास करने होते हैं और हमें न सिर्फ बेहतर प्रदर्शन करना है, बल्कि बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की सहायता भी करनी है।’’

उन्होंने कहा कि केंद्रीय लोक उपक्रम का बेहतर प्रदर्शन कोविड-19 के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने में मदद कर सकता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वह हर महीने सीपीएसई के पूंजी व्यय के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए बैठक करेंगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\