नयी दिल्ली, 28 मई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में अर्थव्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने यह समीक्षा ऐसे समय की है जब कोविड-19 संकट के कारण आर्थिक गतिविधिां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
कोरोना वायरस महामारी के बाद एफएसडीसी की यह पहली बैठक थी। इसमें अरबीआई गवर्नर तथा अन्य वित्तीय क्षेत्रों के नियामक शामिल हैं।nयह भी पढ़े | बिहार: बक्सर के क्वारंटीन सेंटर में युवक की खुराक जानकार सभी दंग, खाता है 40 रोटियां, 10 प्लेट चावल.
फिच रेटिंग्स, क्रिसिल समेत कई एजेंसियों ने अर्थव्यवस्था में 5 प्रतिशत तक की गिरावट का अनुमान जताया है। ऐसी स्थिति में वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हुई एफएसडीसी की यह 22वीं बैठक काफी महत्वपूर्ण है।
बैठक के बाद एक अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के संदर्भ में वित्तीय स्थिरता को बनाये रखने के लिये विभिन्न उपायों की समीक्षा की गयी है।nयह भी पढ़े | IRCTC New Rules: लॉकडाउन में बदला रेलवे का रिजर्वेशन और कंसेशन नियम, जान लेंगे तो होगा फायदा.
बैठक में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में एफएसडीसीउप-समिति और वित्तीय क्षेत्रों के विभिन्न नियामकों द्वारा उठाये गये कदमों पर भी गौर किया गया।
क्षेत्रीय नियामकों के लिये एफएसडीसी शीर्ष निकाय है जिसके अध्यक्ष वित्त मंत्री हैं।
आरबीआई गवर्नर के अलावा सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) प्रमुख अजय त्यागी, बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेरमैन सुभाष चंद्र खुंतिया, ऋण शोधन एवं दिवाला बोर्ड (आईबीबीआई) के चेयरमैन एम एस साहू और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन सुप्रतिम बंदोपाध्याय भी बैठक में मौजूद थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY