मनीला, 31 जुलाई फिलीपीन को तानाशाही हुकूमत से आजादी दिलाने वाले एवं 1986 के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले देश के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल वाल्देज रामोस का रविवार को निधन हो गया। वह 94 साल के थे।
अमेरिका में प्रशिक्षित पूर्व सैन्य जनरल रामोस ने कोरिया और वियतनाम युद्ध में भी हिस्सा लिया था। फिलहाल उनके निधन की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
रामोस के करीबी सहयोगी नॉर्मन लेगास्पी ने द एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि रामोस लंबे समय से डिमेंशिया से जूझ रहे थे और हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण हाल के वर्षों में उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
लेगास्पी के मुताबिक, रामोस ने उपनगर मनील के मकाती मेडिकल सेंटर में अपने कुछ रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम सांस ली। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व राष्ट्रपति का परिवार रविवार रात उनके निधन को लेकर आधिकारिक बयान जारी करेगा।
फिलीपीन की वायुसेना के पूर्व अधिकारी और 15 साल तक रामोस के प्रमुख सहयोगी के रूप में काम कर चुके लेगास्पी ने कहा, “वह एक महान शख्सियत थे। हमने एक नायक खोया और मैंने एक पिता।”
प्रेस सचिव ट्रिक्सी क्रूज एंजिलिस ने 1992 से 1998 तक फिलीपीन के राष्ट्रपति पद पर काबिज रहे रामोस के निधन पर शोक जताया है।
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, “एक सैन्य अधिकारी और मुख्य कार्यकारी, दोनों ही रूपों में हमारे देश में आए महान बदलावों में शानदार योगदान देने वाले रामोस न सिर्फ एक रंगीन विरासत छोड़ गए हैं, बल्कि उन्होंने इतिहास में एक सुरक्षित स्थान भी हासिल किया है।”
रामोस के परिवार में पत्नी अमेलिता मिंग रामोस और चार बच्चे हैं। उनकी पत्नी एक विख्यात शिक्षा, खेल और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। रामोस के अंतिम संस्कार के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
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