नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर दिल्ली सरकार ने शनिवार को भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) पर अपने एक विध्वंस स्थल पर धूल नियंत्रण संबंधी मानदंडों का पालन नहीं करने को लेकर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
फिक्की का यह स्थल नयी दिल्ली में तानसेन मार्ग पर स्थित है।
एक सरकारी आदेश के अनुसार, फिक्की को 15 दिनों के भीतर यह जुर्माना (पर्यावरण क्षतिपूर्ति मुआवजा) जमा करने को कहा गया है।
आदेश के अनुसार परियोजना स्थल ,पर ‘एंटी-स्मॉग गन’ लगाए बिना कोई भी विध्वंस गतिविधि शुरू नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
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आदेश में कहा गया है ‘‘ इस संबंध में एक हलफनामा सात दिनों के भीतर पेश किया जाना चाहिए। इसके अलावा नौ अक्टूबर के निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को दुरुस्त करने के लिए आपको स्वयं कदम उठाने चाहिए। इस संबंध में एक सप्ताह के अंदर अनुपालन रिपोर्ट जमा की जाए।’’
इससे पहले दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने फिक्की को विध्वंस स्थल पर काम रोकने के लिए कहा था।
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार 20,000 वर्गमीटर से बड़े निर्माण और विध्वंस स्थलों पर ‘एंटी-स्मॉग गन’ लगाना अनिवार्य है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली में 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले 39 स्थल हैं। उनमें से छह स्थलों पर ‘एंटी-स्मॉग गन’ नहीं है और उन्हें काम बंद करने को कहा गया है।
राय ने कहा कि फिक्की परिसर में गंभीर उल्लंघन पाए गए। उन्होंने कहा कि विध्वंस के बाद कचरे को ढंक कर नहीं रखा गया है और कोई ‘एंटी-स्मॉग गन’ नहीं है।
राय ने कहा ‘‘ हमने काम रोकने के लिए निर्देश जारी किए हैं। अगर वे इसके बाद भी काम जारी रखते हैं तो ठेकेदार के खिलाफ कानूनी और वित्तीय कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि चेतावनी के बावजूद धूल नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले बड़े स्थलों पर ठेकेदारों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
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