जरुरी जानकारी | फेडरल रिजर्व के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर अनुमान से वैश्विक स्तर पर बिकवाली, सेंसेक्स 709 अंक टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी रिजर्व के अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अभी ‘अंधेरा’ रहने के अनुमान से वैश्विक स्तर पर बिकवाली से बृहस्पतिवार को यहां भी शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 709 अंक टूट गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10,000 अंक के स्तर से नीचे बंद हुआ।
नयी दिल्ली, 11 जून अमेरिकी रिजर्व के अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अभी ‘अंधेरा’ रहने के अनुमान से वैश्विक स्तर पर बिकवाली से बृहस्पतिवार को यहां भी शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 709 अंक टूट गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10,000 अंक के स्तर से नीचे बंद हुआ।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में 33,480.42 अंक तक नीचे चला गया था। अंत में यह 708.68 अंक या 2.07 प्रतिशत के नुकसान से 33,538.37 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी 214.15 अंक या 2.12 प्रतिशत के नुकसान से 10,000 अंक से नीचे 9,902 अंक पर आ गया।
अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सुधार के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। इसके अलावा कोरोना वायरस के दूसरे दौर को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इससे वैश्विक बाजारों में गिरावट आई। फेडरल रिजर्व ने कहा है कि इस साल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 6.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी। इसके अलावा उसने संकेत दिया है कि 2022 तक दरों को शून्य के स्तर पर रखा जाएगा।
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फेडरल रिजर्व ने ऋण दरों को निचले स्तर पर रखने के लिए लगातार बांड खरीदने का भी संकेत दिया है।
कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक रुख के अलावा रुपये में गिरावट और बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों में निवेशकों द्वारा मुनाफा काटने से भी घरेलू बाजारों की धारणा प्रभावित हुई।
सेंसेक्स की कंपनियों में एसबीआई का शेयर सबसे अधिक 5.64 प्रतिशत टूट गया। सनफार्मा, मारुति, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक के शेयर भी नीचे आए।
वहीं दूसरी ओर इंडसइंड बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा नेस्ले इंडिया के शेयर 4.49 प्रतिशत तक लाभ में रहे।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों ने तीन सप्ताह में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) पर उच्चतम न्यायालय की प्रतिकूल टिप्पणी तथा साप्ताहिक वायदा एवं विकल्प निपटान के अंतिम दिन व्यापक स्तर पर मुनाफावसूली का सिलसिला चलने से यहां बाजार नीचे आ गया।’’
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दूरसंचार विभाग की सार्वजनिक उपक्रमों से एजीआर बकाये के रूप में चार लाख करोड़ रुपये की मांग को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किए जाने योग्य करार दिया। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही दूरसंचार ऑपरेटराों को हलफनामा देकर यह बताने को कहा है कि वे एजीआर के बकाये का भुगतान किस तरीके से करेंगे।
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में भी 1.41 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तीन प्रतिशत तक नीचे आ गए। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में थे।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 2.85 प्रतिशत के नुकसान से 40.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 20 पैसे टूटकर 75.79 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
अजय
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2020 05:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

