देश की खबरें | किसानों के खिलाफ नहीं हैं कृषि कानून : शिवराज सिंह चौहान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा बनाये गये तीन कृषि कानून किसान विरोधी नहीं हैं बल्कि यह रैयतों का कल्याण सुनिश्चित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिश के परिचायक हैं।
तिरूच्चेंदूर (तमिलनाडु), सात दिसंबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा बनाये गये तीन कृषि कानून किसान विरोधी नहीं हैं बल्कि यह रैयतों का कल्याण सुनिश्चित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिश के परिचायक हैं।
लॉकडाउन लागू कर कोरोना वायरस महामारी से निपटने के मोदी के तौर-तरीके की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी स्थिति नहीं संभाल पाये और वह चुनाव हार गये।
यहां भाजपा की तमिलनाडु इकाई की ‘वेलयात्रा’ के समापन के मौके पर पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए सिंह ने राज्य में भगवान मुरुग और हिंदुओं का अपमान करने वालों को हदें पार नहीं करने की चेतावनी दी और कहा कि ‘‘वरना लेाग आपको नहीं बख्शेंगे। ’’
उन्होंने आरोप लगाा कि ऐसे लोग ‘‘राष्ट्र विरोधी’’ हैं।
यह भी पढ़े | Farmers Protest: 85 फीसदी लोगों को लगता है, किसान आंदोलन से कोरोना वायरस और फैलेगा- सर्वे.
प्रदेश भाजपा ने अपने प्रमुख एल मुरुगन के नेतृत्व में भगवान मुरुग के सम्मान में एक महीने की ‘वेलयात्रा’ निकाली थी । उससे पहले करूप्पर कूटम नामक एक अनिश्वरवादी संगठन ने भगवान मुरुग के तमिल स्तुति गान का एक यूट्यूब वीडियो में कथित रूप से अपमान किया था।
कृषि कानूनों के संबंध में वरिष्ठ भाजपा नेता चौहान ने कहा कि यह किसानों के खिलाफ नहीं है।
उल्लेखनीय है कि खासकर पंजाब के किसान इन कानूनों का विरोध करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।
नकद सहायता देने और फसल बीमा जैसी मोदी की किसान हितैषी पहलों का जिक्र करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस दिशा में प्रधानमंत्री की कोशिश ‘अद्वितीय’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह मोदी ही हैं जिन्होंने तीनों कृषि कानून बनाये। मैं पूरी प्रतिबद्धता के साथ कह सकता हूं कि ये कानून किसान विरोधी नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई किसान बाजार के बाहर बेहतर दाम पर अपनी ऊपज बेच सकता है तो उसमें किसी को क्या दिक्कत है, उसमें किसान विरोधी क्या है?’’
चौहान ने कहा, ‘‘यदि कोई किसान अपनी ऊपज की कीमत को लेकर सुनिश्चित रहता है, यदि कोई व्यापारी भंडार की सीमा के बगैर किसान से अधिक खरीदता है, तो इसमें किसान के खिलाफ क्या है?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और द्रमुक जैसे दल भाजपा से सामने से टक्कर नहीं ले सकते, इसलिए वे कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)