कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह चुनाव के पहले के सप्ताह में नए राजनीतिक प्रचार पर पाबंदी लगाएगा। साथ ही ऐसी पोस्ट को हटा देगा जो कोविड-19 और मतदान के बारे में गलत सूचनाएं देते हैं।
फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने बृहस्पतिवार को एक पोस्ट में कहा,‘‘ यह चुनाव कोई सामान्य गतिविधि नहीं होगी। हमारे लोकतंत्र को बचाने की हमारी पूरी जिम्मेदारी है।’’
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उन्होंने कहा,‘‘इसका अर्थ है लोगों की पंजीकरण और मतदान में मदद करना, चुनाव के बारे में लोगों सारे भ्रम समाप्त करना कि यह कैसे होंगे तथा हिंसा और अशांति की आशंकाओं को कम करने के लिए कदम उठाना।’’
दरअसल फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया कंपनियों की इस बात की समीक्षा की जा रही है कि वे गलत सूचनाओं पर किस प्रकार का रुख अपनाती हैं। यह समीक्षा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य उम्मीदवारों की ओर से गलत सूचनाएं पोस्ट करने, 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप तथा अमेरिकी राजनीति में दखल रखने के ताजा प्रयासों के संदर्भ में खासतौर पर की जा रही है ।
फेसबुक की इस बात को ले कर लंबे समय से आलोचना हो रही है कि वह राजनीतिक प्रचारों में तथ्यों की जांच नहीं करता।
जुकरबर्ग ने कहा,‘‘ राष्ट्र के बंटे होने तथा चुनाव के नतीजे दिनों और हफ्तों में तय होने की संभावनाओं के बीच देश में नागरिक अशांति फैलने का खतरा बढ़ गया है।’’
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