जरुरी जानकारी | निर्यातकों ने कहा, यूएई के साथ प्रस्तावित एफटीए से आभूषण, रसायन और इंजीनियरिंग निर्यात बढ़ेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत की अपने तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार यूएई के साथ एफटीए को लेकर बातचीत चल रही है।

भारत की अपने तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार यूएई के साथ एफटीए को लेकर बातचीत चल रही है।

एफटीए के तहत दो व्यापारिक भागीदार एक-दूसरे के बीच कारोबार वाले अधिकतम उत्पादों पर सीमा शुल्क को या तो घटाते हैं, या पूरी तरह समाप्त करते हैं। इसके अलावा एफटीए से सेवाओं के व्यापार के नियम सुगम होते हैं तथा निवेश को प्रोत्साहन मिलता है।

रत्न और आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष कोलिन शाह ने कहा कि यूएई के साथ प्रस्तावित एफटीए से रत्न और आभूषण उत्पादों के निर्यात में वृद्धि हो सकती है।

उन्होंने कहा कि यह वर्तमान में जरूरी भी है क्योंकि इस क्षेत्र से यूएई को किये जाना वाला निर्यात कोविड-19 के कारण 2020-21 में 2.77 अरब डॉलर तक कम हो गया है।

उन्होंने कहा कि परिषद ने सरकार को भारत से सोने, चांदी और प्लैटिनम के आभूषणों के निर्यात पर यूएई में लगने वाले आयात शुल्क को समाप्त करने करने के लिए बातचीत करने को कहा है। वही चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के अध्यक्ष संजय लीखा ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय निर्यातकों के लिए काफी संभावनाएं हैं।

हैंड टूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि इंजीनियरिंग क्षेत्र में निर्यात की बहुत संभावनाएं हैं। यूएई से सोने पर आयात शुल्क में कमी से घरेलू रत्न और आभूषण क्षेत्र को मदद मिलेगी। साथ ही देश में सोने की तस्करी में भी कमी आएगी।

उल्लेखनीय है कि भारत और यूएई के बीच वर्ष 2020-21 में द्विपक्षीय व्यापार 43.3 अरब डॉलर था। जिसमे निर्यात 16.7 अरब डॉलर और आयात 26.7 अरब डॉलर का था।

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