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विदेश की खबरें | एक्सप्लेनर: चार्ल्स के राज्यारोहण के औपचारिक नियम

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लंदन में सेंट जेम्स पैलेस में एक समारोह के दौरान शनिवार को उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘महाराज चार्ल्स तृतीय’ घोषित किया गया और उनके राज्याभिषेक तक कई और औपचारिक कदम उठाए जाएंगे।

विदेश की खबरें | एक्सप्लेनर: चार्ल्स के राज्यारोहण के औपचारिक नियम
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन में सेंट जेम्स पैलेस में एक समारोह के दौरान शनिवार को उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘महाराज चार्ल्स तृतीय’ घोषित किया गया और उनके राज्याभिषेक तक कई और औपचारिक कदम उठाए जाएंगे।

एक नये ब्रिटिश महाराज के राज्यारोहण के वक्त की सदियों पुरानी परंपराओं और नियमों पर एक नजर:

औपचारिक रूप से नये महाराज की घोषणा कौन करता है?

ब्रिटेन में एक महाराज/महारानी की मृत्यु के बाद उनकी मृत्यु और उनके उत्तराधिकारी की आधिकारिक तौर पर घोषणा ‘एक्सेशन काउंसिल’ द्वारा की जाती है। महाराज/महारानी की मृत्यु के 24 घंटे के भीतर सेंट जेम्स पैलेस में परंपरागत रूप से काउंसिल की औपचारिक बैठक बुलाई जाती है।

महाराज चार्ल्स तृतीय के राज्यारोहण समारोह में देरी हुई, क्योंकि बृहस्पतिवार की शाम तक महारानी की मृत्यु की घोषणा नहीं की गई थी और शुक्रवार के कार्यक्रमों की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था।

‘एक्सेशन काउंसिल’ प्रिवी काउंसिल के सदस्यों से बनी है, जिसमें ज्यादातर पूर्व और मौजूदा राजनीतिज्ञ, चर्च ऑफ इंग्लैंड के नेता और शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं।

प्रिवी काउंसिल को नये महाराज की घोषणा की निगरानी के लिए ‘एक्सेशन काउंसिल’ में बुलाया जाता है, लेकिन शनिवार को प्रिवी काउंसिल के सिर्फ 200 सदस्यों को ही बुलाया गया, जबकि प्रिवी काउंसिल के सदस्यों की संख्या अब 700 हो गई है।

समारोह का पहली बार टेलीविजन पर सीधा प्रसारण शनिवार को किया गया।

चार्ल्स के महाराज घोषित होने के बाद क्या होता है?

एक नये महाराज की औपचारिक रूप से पुष्टि होने के तुरंत बाद, महाराज प्रिवी काउंसिल की पहली बैठक आयोजित करते हैं और एक व्यक्तिगत घोषणा करते हैं और फिर 1707 के संघ अधिनियम के अनुसार चर्च ऑफ स्कॉटलैंड को बनाये रखने की शपथ लेते हैं।

बाद में, ‘गार्टर किंग ऑफ आर्म्स’ के रूप में जाना जाने वाला एक अधिकारी सार्वजनिक रूप से सेंट जेम्स पैलेस में एक बालकनी से नये महाराज की घोषणा को पढ़ता है और लंदन के चारों ओर तोपों की सलामी दी जाती है।

नये महाराज अथवा महारानी की घोषणा तब सार्वजनिक रूप से सेंट जेम्स पैलेस के साथ-साथ विभिन्न सम्बद्ध देशों की राजधानियों -एडिनबर्ग, कार्डिफ और बेलफास्ट- में की जाती है।

चार्ल्स के महाराज घोषित करने के बाद पहले दिन या राज्याभिषेक के समय, जो भी पहले हो, संसद में घोषित करना होगा कि वह एक विश्वसनीय ‘प्रोटेस्टैंट’ हैं। शपथ ग्रहण उत्तराधिकार घोषणा अधिनियम, 1910 द्वारा अनिवार्य है।

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय छह फरवरी 1952 को अपने पिता किंग जॉर्ज षष्ठम की मृत्यु के बाद महारानी बनीं। वर्ष 1953 में वेस्टमिंस्टर एबे में उनका राज्याभिषेक हुआ था।

चार्ल्स के राज्याभिषेक की तिथि अभी ज्ञात नहीं है। ऐसी पूरी संभावना है कि वेस्टमिंस्टर एबे में ही उनका राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया जायेगा।

एपी

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 10, 2022 07:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).