देश की खबरें | जद(यू) को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की कवायद, उप्र, मणिपुर में अपने बूते चुनाव लड़ने की तैयारी

नयी दिल्ली, 14 सितंबर जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बिहार के इस सत्तारूढ़ दल को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की कवायद आरंभ कर दी है। इस सिलसिले में पार्टी ने मंगलवार को झारखंड में संगठन को मजबूत करने के लिए जहां कुछ नियुक्तियां कीं, वहीं स्पष्ट किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उसका गठबंधन नहीं हुआ तो आगामी उत्तर प्रदेश और मणिपुर विधानसभा चुनाव में अपने बूते मजबूती से चुनाव लड़ेगी।

राजधानी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ललन सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की पहली कोशिश राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तहत उतरने की होगी लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो वह उत्तर प्रदेश सहित सभी चुनावी राज्यों में अपने बूते चुनाव लड़ेगी।

ज्ञात हो कि जनता दल (यूनाइटेड) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे पुराने सहयोगियों में एक है। बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) और भाजपा गठबंधन की सरकार है और नीतीश कुमार उसके मुखिया हैं। वहीं, केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में जनता दल (यूनाइटेड) शामिल है।

ललन सिंह ने कहा कि आगामी चुनावी राज्यों में राजग के साथ लड़ने को लेकर भाजपा से अभी कोई बात नहीं बनी है और बातचीत प्रारंभिक दौर में ही है।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘राजग के अंदर बात बनती है तो तालमेल के साथ चुनाव लड़ेंगे, नहीं तो हमारी तैयारी चल रही है। हम अपने बूते मजबूती के साथ, खासकर उत्तर प्रदेश और मणिपुर में चुनाव लड़ेंगे।’’

इस बीच, सूत्रों से जानकारी मिली है कि जनता दल (यूनाइटेड) नवंबर महीने में लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करेगा, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे।

पार्टी ने चुनाव से पहले मणिपुर में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित करने का भी फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश व मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनाव में मजबूती से चुनाव लड़ जनता दल (यूनाइटेड) राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का दर्जा हासिल करने का प्रयास करेगा।

ज्ञात हो कि गत अगस्त महीने में जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार ने पार्टी के सभी नेताओं से जद(यू)को राष्ट्रीय दल बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया था।

वर्तमान में बिहार और अरुणाचल प्रदेश में उसे राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता प्राप्त है। अगर दो अन्य राज्यों में मान्यता मिल जाती है तो वह राष्ट्रीय पार्टी बन जाएगा। इसी को केंद्र में रख ललन सिंह पार्टी को मजबूत करने की कवायद कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि वर्ष 2019 के अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) अपने बूते मैदान में उतरा था और उसने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा तथा सात पर जीत हासिल की। बाद में वहां उसके छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, इसके बावजूद पार्टी की राज्य स्तरीय मान्यता बरकरार है।

जनता दल (यूनाइटेड) की नजर झारखंड पर भी है। एक समय था जब वहां पार्टी के सात-सात विधायक हुआ करते थे और उसका संगठन भी मजबूत था।

अध्यक्ष बनने के बाद ललन सिंह ने झारखंड में भी संगठन को मजबूत करना आरंभ किया है। इस कड़ी में पूर्व विधायक खीरू महतो को पार्टी ने झारखंड प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही गुलाब महतो को प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण सिंह को झारखंड का प्रभारी नियुक्त किया है। गुलाब महतो को झारखंड में विस्थापितों को संगठित करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस बीच, पार्टी ने एक बयान में कहा कि संगठन के विस्तार और उसकी मजबूती के लिए बिहार ही नहीं देश के अलग-अलग राज्यों में वह काम कर रही है। पिछले दिनों पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी।

बयान में कहा गया कि इसी क्रम में ललन सिंह ने विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक की और उनके साथ विमर्श भी किया। पूर्वोत्तर में संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी ने नॉर्थ ईस्ट एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन किया है।

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