देश की खबरें | आबकारी नीति मामला: दिल्ली की अदालत ने ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रखा

नयी दिल्ली, 24 अप्रैल दिल्ली की एक अदालत ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के सिलसिले में एक धनशोधन मामले में दाखिल प्रवर्तन निदेशालय के पूरक आरोप पत्र का संज्ञान लेने के संबंध में सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा।

विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल ने मामले में ईडी की दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र के समकक्ष) पर आदेश सुनाने के लिए एक मई की तारीख तय की। मामले में तीन लोगों-राघव मंगुता, राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा तथा पांच संबंधित कंपनियों के नाम हैं।

न्यायाधीश ने ईडी के विशेष सरकारी अभियोजक एन के मट्टा की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। मट्टा ने कहा कि धनशोधन अपराध के लिए दस्तावेजों में जिन आरोपियों के नाम हैं, उन पर अभियोजन के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

ईडी ने यह भी कहा कि मामले में आरोपियों तथा अन्य लोगों एवं कंपनियों के खिलाफ जांच जारी है।

अदालत ने जोशी और मल्होत्रा की जमानत अर्जी पर फैसला 28 अप्रैल के लिए सुरक्षित रखा।

ईडी का धनशोधन का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक प्राथमिकी पर आधारित है।

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