नयी दिल्ली, 14 जनवरी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम दिल्ली आबकारी नीति मामले से संबंधित कुछ रिकॉर्ड एकत्रित करने के लिए शनिवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यालय पहुंची। यह जानकारी एजेंसी के अधिकारियों ने दी।
दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि सीबीआई की टीम दिल्ली सचिवालय में सिसोदिया के कार्यालय में ‘‘छापेमारी’’ कर रही है, लेकिन एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने दस्तावेज एकत्रित करने के लिए परिसर का "दौरा" किया और कोई "छापा या तलाशी" नहीं की जा रही है।
सिसोदिया ने ट्वीट करके दावा किया कि एजेंसी को पिछली छापेमारी के दौरान उनके खिलाफ कुछ भी नहीं मिला था और इस बार भी ऐसा ही होगा क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘आज फिर सीबीआई मेरे दफ़्तर पहुंची है। उनका स्वागत है। इन्होंने मेरे घर पर रेड कराई, दफ़्तर में छापा मारा, लॉकर तलाशे, मेरे गांव तक में छानबीन करा ली। मेरे ख़िलाफ़ न कुछ मिला है, न मिलेगा क्योंकि मैंने कुछ ग़लत किया ही नहीं है। ईमानदारी से दिल्ली के बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है।
एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि "सीबीआई द्वारा उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में कोई तलाशी या छापेमारी नहीं की जा रही है।" उन्होंने कहा कि हो सकता है कि टीम आबकारी नीति मामले में कुछ रिकॉर्ड इकट्ठा करने या स्पष्टीकरण मांगने गई हो।
कथित आबकारी घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश पिछले साल दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने की थी। एजेंसी ने सिसोदिया समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सिसोदिया के सरकारी आवास पर छापेमारी के अलावा उनसे कई घंटों तक पूछताछ भी की थी।
एजेंसी ने पिछले साल 25 नवंबर को सात आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोपपत्र दायर किया था। उसमें सिसोदिया का नाम नहीं था।
अधिकारियों ने कहा कि जांचकर्ताओं ने आप के वरिष्ठ नेता सिसोदिया और प्राथमिकी में नामजद अन्य व्यक्तियों की कथित भूमिका की जांच को खुला रखा है।
आरोपपत्र में नामजद सात आरोपियों में गिरफ्तार व्यवसायी विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली शामिल हैं।
आरोप है कि दिल्ली सरकार की शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने की नीति कुछ कारोबारियों के पक्ष में प्रभावित थी, जिन्होंने इसके लिए कथित तौर पर रिश्वत दी। इस आरोप का आप ने खंडन किया है।
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