तिरुवनंतपुरम, 20 नवंबर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण लेकर आई है और इसका उद्देश्य वर्तमान आरक्षण को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि समाज में सभी के लिए जीने की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करना है।
विजयन ने कहा कि अनारक्षित श्रेणी के लोगों का एक वर्ग बेहद गरीब है और उन्हें आरक्षण का कोई लाभ नहीं मिलता, जिसके कारण सरकार को ऐसे लोगों के लिए (सरकारी नौकरियों में) 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग पर विचार करना पड़ा।
ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण पर ‘‘अवांछित विवाद’’ उत्पन्न करने की कोशिश करने वालों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इसे भावनात्मक मुद्दे के रूप में भड़काकर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, वे वास्तव में वास्तविक चिंताओं से ध्यान हटाना चाहते हैं।
विजयन अगड़े समुदायों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों का विवरण एकत्र करने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण की शुरुआत करने के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों के एक वर्ग का तर्क है कि सरकार मौजूदा आरक्षण प्रणाली को नुकसान पहुंचाकर ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण लागू कर रही है। लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं है। इसे किसी अन्य वर्ग के आरक्षण को नुकसान पहुंचाकर लागू नहीं किया जा रहा है, जो पहले से ही लाभ प्राप्त कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि अनारक्षित श्रेणी के सबसे गरीब लोगों को नये आरक्षण का लाभ मिलेगा और यह सरकार के आरक्षण विरोधी किसी रुख का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नये आरक्षण मानदंडों के साथ आने वाले सामाजिक वास्तविकताओं पर विचार किया।
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